आरक्षण, बाढ़ और फरक्का जल संधि पर खुलकर बोले: 2030 से पहले बिहार से पलायन पूरी तरह रुक जाएगा, CM सम्राट चौधरी का ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के पलायन, शिक्षा, बाढ़, आरक्षण, बांकीपुर उपचुनाव आदि मसलों पर अपनी बात खुलकर रखी. साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार से शराबबंदी हटाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.
2030 से पहले बिहार से पलायन पूरी तरह रुक जाएगा. उस समय तक राज्य का आधारभूत ढांचा, इंस्टीट्यशंस और पढ़ाई से लेकर नौकरी तक की सारी व्यवस्था बिहार में ही मिल जाया करेगी. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में ये ऐलान किए. मुख्यमंत्री ने बताया कि 79 साल में बिहार में कुल 278 डिग्री कॉलेज बने थे, लेकिन 15 जुलाई, 2026 को एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए गए और वहां अब शिक्षकों की तैनाती भी कर दी गई है. उन्होंने यह भी बताया कि बिहार के बच्चों को कोटा, दिल्ली या अन्य शहरों में न जाना पड़े, इसके लिए 700 सरस्वती विद्या निकेतन यानी मॉडल स्कूल बनाए गए हैं. इन स्कूलों में जेईई, आईआईटी और नीट की तैयारी कराई जाएगी. ऐप के माध्यम से रात को 11 बजे भी बच्चों के लिए लाइव टीचर उपलब्ध रहेंगे. दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे को दुखद बताते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में भी सभी कोचिंग सेंटर्स के सिस्टम चेक किए जा रहे हैं.
बाढ़ को लेकर क्या बोले?
बिहार में बाढ़ के प्रकोप पर मुख्यमंत्री बोले, नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक नदियों के कारण राज्य में बाढ़ आती है. नेपाल की त्रासदी के बाद हमने सबसे पहले 20,000 लोगों को नदी और निचले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और कम्युनिटी किचन शुरू किया. उन्होंने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी के स्थायी समाधान के लिए पीएम मोदी, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री से बात हुई है और वहां एक हाई लेवल डैम बनाने पर सहमति बनी है.
जरूरतों के हिसाब से बिहार को पानी मिलना चाहिए
फरक्का जल संधि को लेकर उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को पानी देने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बिहार की जरूरतों के अनुसार जैसे पीने के पानी, खेती और उद्योगों के लिए समय पर पानी मिलना चाहिए. गंगा में गाद की समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि पानी रुकने से बक्सर, पटना, बेगुसराय और भागलपुर तक गंगा चौड़ी हो गई है. सरकार की योजना है कि गंगा के किनारों को कंक्रीट से बांधकर जो जमीन मिलेगी, वहां टाउनशिप और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाएं.
आरक्षण के हर प्रस्ताव पर भाजपा का साथ
आरक्षण को लेकर मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हर समाज के साथ है. उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी से लेकर वीपी सिंह तक, आरक्षण के हर प्रस्ताव का भाजपा ने समर्थन किया है. आज दलित, ओबीसी, आदिवासियों के साथ गरीब सवर्णों को भी आरक्षण का लाभ मिल रहा है. खजाना खाली के दावों को नकारते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर महीने की 10 तारीख को पेंशन दी जाती है. 7 लाख शिक्षकों, 10 लाख पेंशनभोगियों और 20 लाख कर्मचारियों को समय पर पैसा दिया जा रहा है. इसके अलावा राज्य के एक करोड़ 90 लाख परिवारों को 125 यूनिट फ्री बिजली दी जा रही है.
अगले 5 साल में 25 चीनी मिलें चालू होंगी
सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि जो चीनी मिलें 100 प्रतिशत बंद हो चुकी थीं, उनमें से 10 को चालू कर दिया गया है. मोतिहारी चीनी मिल भी जल्द चालू किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 25 चीनी मिलें चालू करना है. राज्य में निवेश को लेकर सरकार ने 14 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर 1000 यूनिट्स का अलॉटमेंट किया है. देश का सबसे बड़ा बॉटलिंग प्लांट बिहार में लगाया गया है. सीवान में छात्रों पर एके-47 तानने को उन्होंने पूरी तरह गलत माना. उन्होंने कहा कि इसी वजह से वहां के डीएम और एसपी को तत्काल हटाया गया था. उन्होंने कहा कि सरकार ने सबसे पहले छात्रों के खिलाफ दर्ज सारे केस वापस ले लिए गए हैं.
जारी रहेगी शराबबंदी
क्या बिहार में शराबबंदी हटाई जाएगी, इस सवाल पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि यह नीतीश कुमार जी का ऐतिहासिक फैसला है. हालांकि, इससे राज्य को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, लेकिन उन्होंने इस बात को माना कि बिहार की आधी आबादी का सम्मान शराबबंदी है. इसलिए यह जारी रहेगी और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा. बांकीपुर उपचुनाव में हार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर मंथन किया जा रहा है कि क्या गलती हुई, लेकिन एक सीट से पूरे बिहार का आकलन नहीं किया जा सकता. प्रशांत किशोर के व्यक्तिगत हमलों पर उन्होंने कहा कि उनको जो बोलना है, बोलने दीजिए. मेरी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. मैं बिहार के लिए काम करने आया हूं.
बख्यिारपुर नाम कैसे हो सकता है?
नीतीश नगर नाम को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय को जलाकर अराजकता फैलाई थी तो उसके नाम पर बख्तियारपुर कैसे हो सकता है. इसे जरूर बदला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगले 6 महीने में फिल्म सिटी और नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा के कैंपस पर काम शुरू होता दिखेगा. इसके लिए सुनील शेट्टी, मनोज वाजपेयी, पंकज त्रिपाठी और कई भोजपुरी कलाकारों से बात हुई है इस बारे में.