कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने भाषण के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह सोशलिस्ट पार्टी की विचारधारा लेकर आए थे, लेकिन बाद में बीजेपी और आरएसएस के साथ चले गए. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि महात्मा गांधी को गोली मारी गई, इंदिरा गांधी की हत्या हुई और राजीव गांधी को भी मार दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि हमको तो सभी ने मारा, हम और हमारे राहुल गांधी जिंदा हैं और लड़ते हैं. उन्होंने सत्ता पक्ष पर देश को डराने और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया.
खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में 8 अगस्त 2026 को हुई जनसभा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम के बाद बीजेपी और आरएसएस ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया था. उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी के 80 साल बाद भी देश में छुआछूत क्यों मौजूद है. उन्होंने कहा कि अगर आज भी दलितों को समान सम्मान नहीं मिलता, तो लोग धर्म पर कैसे विश्वास करेंगे. खड़गे ने दावा किया कि संसद में यह मुद्दा उठाने पर जेपी नड्डा ने माफी मांगी थी और जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन्हें जांच को लेकर कोई जवाब नहीं मिला है. उन्होंने लोगों से दलितों को साथ लेकर मंदिरों में प्रवेश करने की अपील की.
कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार के महापुरुषों का जिक्र करते हुए श्रीकृष्ण सिंह और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को याद किया. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह आजादी की लड़ाई में आठ साल तक जेल में रहे, जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू 13 साल जेल गए. खड़गे ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस उन महापुरुषों की विरासत को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने बिहार की प्रगति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यहां कई बड़े महापुरुष पैदा हुए, फिर भी राज्य विकास के रास्ते पर तेजी से आगे क्यों नहीं बढ़ रहा है. उन्होंने मौजूदा नेताओं पर पद और आवास के लिए झगड़ने का आरोप लगाते हुए पुराने नेताओं के सादगीपूर्ण जीवन का उदाहरण दिया.
महिला आरक्षण के मुद्दे पर खड़गे ने कहा कि सोनिया गांधी ने महिलाओं को आरक्षण देने के लिए कानून पास कराया था, लेकिन अब बीजेपी की ओर से नए कानून की बात की जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोकसभा में 543 सांसद हैं, तो महिलाओं को आरक्षण देने में देरी क्यों हो रही है. खड़गे ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से कुछ समुदायों के समर्थकों के नाम हटाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्र एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. उनके मुताबिक, अगर लोगों का वोट देने का अधिकार सुरक्षित नहीं रहा, तो देश गुलामी की ओर बढ़ सकता है. उन्होंने इसे आजादी की दूसरी लड़ाई बताते हुए लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की.
खड़गे ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच सांठगांठ होने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि 2023 में चुनाव आयोग के प्रमुख को कानूनी संरक्षण देने के लिए कानून लाया गया, जिससे आयोग के प्रमुख को व्यापक छूट मिलती है. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक बताया. खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं और ईवीएम को लेकर उठाए गए सवालों को पहले नजरअंदाज किया गया. उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को चुनाव आयोग में नहीं रहना चाहिए. उन्होंने पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों को भी निशाने पर लिया और उन पर चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए.
अपने भाषण के अंत में खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि जो सरकार लोगों को रोटी और दाल उपलब्ध नहीं करा सकती, वह अमृत काल की बात कैसे कर सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री उपस्थित नहीं रहते, जबकि राहुल गांधी अपने काम के लिए सदन में जाते हैं. खड़गे ने कांग्रेस को देश को जोड़ने वाली पार्टी बताया और बीजेपी पर समाज को बांटने का आरोप लगाया. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश किए जाने का दावा भी किया. भाषण के दौरान जब किसी व्यक्ति ने कहा कि मोदी नहीं हटेंगे और इसके लिए व्यापक योजना बनानी पड़ेगी, तो खड़गे भड़क गए. उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि मोदी क्या, उसका बाप भी हटेगा और उसकी मां भी हटेगी.
रिपोर्ट: रूपेंद्र श्रीवास्तव