मधेपुरा के मुरलीगंज प्रखंड में फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी संस्थानों की जांच करने और लोगों से रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है. प्रतापनगर गांव में पहुंचे एक युवक ने खुद को विभागीय अधिकारी बताया और आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर स्कूल तक का निरीक्षण कर दिया. कार्रवाई और नौकरी जाने का डर दिखाकर आंगनबाड़ी सेविकाओं से 10 हजार रुपये वसूलने का आरोप है. इसके अलावा मातृत्व लाभ दिलाने का झांसा देकर दो ग्रामीणों के बैंक खातों से 67,173 रुपये निकाल लिए गए.
नौकरी जाने का डर दिखाया और ठग लिया
आरोपित की पहचान अभिषेक साहनी, पिता अशोक साहनी, ग्राम अमारी, थाना धमदाहा, जिला पूर्णिया के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि आरोपी ने प्रतापनगर के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 152, 154 और 155 का निरीक्षण किया. खुद को अधिकारी बताते हुए उसने सेविकाओं को कार्रवाई और नौकरी जाने का डर दिखाया. इसके बाद शोभा देवी, सुनीता कुमारी और कृष्णा देवी से क्रमशः 5 हजार, 3500 और 1500 रुपये लिए जाने का आरोप है. आरोपी ने निरीक्षण पंजिका में अपना नाम सुमित कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर दर्ज किया था.
प्रधानाध्यापक से भी ले लिए एक हजार रुपए
मामला यहीं नहीं रुका. आरोपी पर मध्य विद्यालय प्रतापनगर के प्रधानाध्यापक से भी जांच के नाम पर एक हजार रुपये ले लिए. बाद में विभागीय स्तर पर जानकारी लेने पर कथित अधिकारी के फर्जी होने का खुलासा हुआ. फर्जी अधिकारी ने ग्रामीणों को मातृत्व लाभ की राशि दिलाने का झांसा देकर बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर उनसे संपर्क किया. इसके बाद विजय साह के खाते से 47 हजार रुपये और मंतोष कुमार के खाते से 20,173 रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए.
साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया. पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार