नेपाल की बारिश से कोसी का जलस्तर बढ़ा: सहरसा-सुपौल में अलर्ट, प्रशासन ने कहा- 'सुरक्षित स्थानों पर जाएं'
नेपाल में बारिश के बाद बिहार में कोसी का तांडव देखने को मिल रहा है. सुपौल में कोसी बराज से 3.16 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है. सहरसा में भी 2 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.
नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है. कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज तीन लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया है, जिसके बाद कोसी तटबंध के अंदर बसे लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं. सुपौल में आज सुबह 6 बजे कोसी बराज से 3 लाख 16 हजार 795 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है. कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग सतर्क हो गया है. इससे पहले, डीएम सावन कुमार और एसपी सरथ आर.एस. ने कोसी बराज और कोसी पूर्वी तटबंध का निरीक्षण किया, इस मौके पर जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश भी मौजूद रहे, जिसके बाद फिलहाल स्थिति को सामान्य बताया गया है.
कोसी बराज पर भी पानी घटने की उम्मीद
डीएम सावन कुमार ने लोगों से अपील भी की है कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, स्थिति पूरी तरह सामान्य है. इधर, जल संसाधन विभाग के अधिकारी संजीव शैलेश ने बताया कि पानी घटने की उम्मीद है और स्थिति सामान्य है. यह भी कहा गया कि तटबंधों और तमाम स्परों पर अभियंताओं द्वारा सतत निगरानी की जा रही है. जिलाधिकारी ने कहा कि कहीं किसी स्पर या तटबंध पर कोई दबाव नहीं है और किसी भी विशेष परिस्थिति के लिए एहतियातन तमाम तैयारियां भी की गई हैं. हालांकि, जानकारी मिली है कि कोसी बारे क्षेत्र में पानी घटने लगा है, जिससे कोसी बराज पर भी पानी घटने की उम्मीद है.
लगातार तटबंधों का निरीक्षण जारी
नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी बराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, ऐसे में बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके बाद सहरसा जिला प्रशासन पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर है. जिले के डीएम दीपेश कुमार प्रशासन की टीम के साथ लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं. संभावित बाढ़ को देखते हुए जिले के नवहट्टा, महिषी और सलखुआ प्रखंड के पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर बसे लोगों से जिला प्रशासन द्वारा यह अपील की गई है कि वे तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
सरकारी नावों की व्यवस्था नहीं
वहीं, कोसी नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को लेकर तटबंध के भीतर बसे लोगों को अभी से चिंता सता रही है. लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा हमलोगों को अलर्ट किया गया है और नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. अगर जलस्तर में ज्यादा इजाफा हुआ, तो कई गांव इसकी चपेट में आ जाएंगे और बाढ़ की मार झेलनी पड़ेगी. वहीं, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है और ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है, लेकिन न तो पर्याप्त सरकारी नावों की व्यवस्था की गई है और न ही रहने के लिए आशियाने की.
तटबंध के भीतर बसे लोगों से अपील
तटबंध का निरीक्षण कर रहे जिलाधिकारी दीपेश कुमार से जब संभावित बाढ़ को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि हमलोगों को विभाग से सूचना मिली थी कि कोसी नदी में 25 सितंबर को करीब 5 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जाएगा और 26 सितंबर को 6 लाख 30 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जाएगा, लेकिन बाद में सूचना मिली कि करीब 3 से साढ़े 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा. फिलहाल, 2 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, फिर भी एहतियातन हमलोगों ने संभावित बाढ़ को लेकर सारी व्यवस्था कर ली है. हमलोग पूरी तरह से अलर्ट हैं, अगर ऐसी आपदा की स्थिति आती है, तो उसके लिए सारी मुकम्मल तैयारी कर ली गई है. करीब 138 सरकारी नावों को रजिस्टर्ड किया गया है और तटबंध के भीतर बसे लोगों से अपील की गई है कि वे संभावित बाढ़ को देखते हुए जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर चले जाएं, हालांकि अभी फिलहाल स्थिति सामान्य है.