किशनगंज कोर्ट का बड़ा फैसला: बिना पासपोर्ट-वीजा भारत में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी घुसपैठिए को 2.5 साल की सजा, 10,000 का जुर्माना
किशनगंज कोर्ट ने अवैध प्रवेश के मामले में बांग्लादेशी नागरिक अशरफ अली दोषी करार दिया है. साथ ही ढाई साल की सजा सुनाई है और 0 हजार रुपये जुर्माने भी लगाया है.
किशनगंज अपर जिला और सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने भारत-नेपाल सीमा से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के मामले में गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक अशरफ अली को दोषी पाया. कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए उसे ढाई साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
अदालत के आदेश के मुताबिक, 10 हजार रुपये का जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. न्यायालय ने अशरफ अली को विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14(ए)(बी) के तहत दोषी पाया.
क्या है पूरा मामला, जिसमें कोर्ट ने दी सजा, जानिए
दरअसल, यह पूरा मामला 8 जून 2024 का है. अशरफ अली बांग्लादेश से नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर किशनगंज पहुंचा था. बिना वैध दस्तावेजों के नेपाल से भारत में प्रवेश करते समय बांग्लादेशी युवक को भातगांव बीओपी पर तैनात एसएसबी जवानों ने कार्रवाई करते हुए अशरफ अली को गिरफ्तार कर लिया.
विदेशी अधिनियम के तहत दोषी पाया गया मोहम्मद अशरफ अली
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने सबूत और गवाह पेश किए. किशनगंज अपर जिला और सत्र न्यायालय ने इन सबूतों के आधार पर विदेशी अधिनियम के तहत मोहम्मद अशरफ अली को दोषी पाया. इसके बाद उसे सजा सुनाई. साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि मुकदमे और जांच के दौरान न्यायिक हिरासत में बिताए गए समय को सजा की अवधि में समायोजित होगा.
अशरफ अली के पास भारत में प्रवेश करने के लिए मौजूद नहीं थे वैध दस्तावेज
दरअसल, जांच में सामने आया कि अशरफ अली के पास भारत में प्रवेश करने के लिए वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे. इसके बाद उसके खिलाफ किशनगंज के गलगलिया थाना में विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अब अपना फैसला सुनाते हुए अशरफ अली को दोषी करार दिया और दो साल छह महीने की कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
रिपोर्ट : अमित सिंह