SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

आरक्षण विवादः चिराग पर मांझी के विधायक का पर्सनल अटैक, दिवंगत रामविलास पासवान को भी नहीं बक्शा

सिकंदरा से हम के विधायक प्रफुल्ल मांझी ने राज्य सरकार आरक्षण की समीक्षा के साथ उपवर्गीकरण पर भी विचार करने की मांग की है. विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक परिवारों ने आरक्षण और राजनीतिक अवसरों का लाभ अपने परिवार तक सीमित रखा.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 09, 2026, 09:15 AM IST | Updated: Sep 09, 2026, 09:48 AM IST
Image Credit: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर HAM विधायक प्रफुल्ल मांझी का पर्सनल अटैक (Zee Media)
Join

आरक्षण की समीक्षा और उपवर्गीकरण के मुद्दे पर बिहार NDA में शामिल के दो दलों (HAM और LJPR) के बीच बयानबाजी देखने को मिल रही है. जमुई से LJPR सांसद अरुण भारती की ओर से HAM संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर की गई टिप्पणी के बाद अब सिकंदरा से HAM के विधायक प्रफुल्ल मांझी ने LJPR के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रफुल्ल मांझी ने जमुई सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके LJPR अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर तीखा हमला बोलते हुए कई व्यक्तिगत आरोप लगाए. इतना ही नहीं प्रफुल्ल मांझी ने चिराग के पिता (दिवंगत रामविलास पासवान) पर भी काफी कुछ कहा.

रामविलास पासवान को परिवारवादी बताया

प्रफुल्ल मांझी ने रामविलास पासवान को दलितों का बड़ा नेता बताते हुए कहा कि साल 2005 तक हम लोगों ने उन्हें अपना नेता माना था और समर्थन भी दिया, लेकिन साल 2005 में जब उनके 29 विधायक जीते, तो वे राजनीति की चाभी लेकर घूम रहे थे और किसी और को सीएम बनाने की बात कर रहे थे. इसके बाद से हम लोगों ने उन्हें अपना नेता मानना कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि दिवंगत रामविलास पासवान अपने घर में एक गोदाम बनाकर रखे थे और सारे विकास के कार्यों को अपने परिवार के लोग में बांट देते थे.  

रामविलास पासवान पर गंभीर आरोप लगाए

HAM विधायक ने कहा कि जीतन राम मांझी को जब भी मौका मिला तो उन्होंने समाज के लोगों के लिए काम किया. उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी को विधानसभा चुनाव में 6 टिकट मिले थे, जिसमें चार टिकट उन्होंने भुइयां समाज को दिए और दो सवर्णों को देने का काम किया. वहीं, रामविलास पासवान को टिकट की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उन्होंने आज तक किसी मुसहर, भुइयां को टिकट नहीं दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि चिराग पासवान ने भी कभी मुसहर, भुइयां समाज के लोगों के लिए कोई काम नहीं किया.

सांसद अरुण भारती पर साधा निशाना

जमुई से LJPR सांसद अरुण भारती पर निशाना साधते हुए प्रफुल्ल मांझी ने कहा कि जीतन राम मांझी ने भुईया समाज के लोगों के लिए टोला सेवक बनाने का काम किया. लेकिन सांसद अरुण भारती और उनके लोगों ने हाईकोर्ट के जरिए टोला सेवक के वेतन को रुकवाने का काम किया. आज भुईया समाज के लोगों को 6 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है. इसके बाद विधायक ने राम विलास पासवान के परिवार पर व्यक्तिगत हमले किए.

मांझी ने पूछा- पासवान कैसे हुए चिराग?

उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने दो शादियां की थीं. उनकी पहली पत्नी का नाम राजकुमारी देवी है. जिनसे उषा और आशा दो बेटियां है. ऊषा देवी के पति वर्तमान समय में अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष हैं. आशा देवी के पति राजद में है, इसलिए सत्ता का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. दूसरी पत्नी का नाम नेहा शर्मा है. उनके पुत्र चिराग शर्मा, पासवान कैसे हुए? बेटी निशा शर्मा पासवान के पति अरुण भारती हैं. प्रफुल्ल मांझी ने कहा कि वह अरुण भारती के पिता का नाम हम जानना चाहते हैं. वह अपने पिता के नाम का घोषणा करें. वह जमुई के सांसद हैं. इस नाते हमें उनके पिता के बारे में जानने का अधिकार है. उनकी सास का क्या नाम है? वे किस समुदाय से आते हैं, यह बताने की कोशिश करें.

रिपोर्ट- अभिषेक

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES