जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ दुर्व्यवहार के मामले में मुख्य आरोपित नंदन और हरेराम के बालू कारोबार से जुड़े होने का कनेक्शन सामने आया है. इसी बीच जिले में बालू के कथित अवैध खनन और परिवहन का मामला भी चर्चाओं में है. जमुई टाउन थाना क्षेत्र के खड़सारी मौजा में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से बालू डंप करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर खनन विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
डंपिंग यार्ड में जमा किए जा रहे बालू
जमुई टाउन थाना क्षेत्र के खड़सारी मौजा में बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा संचालित बालू डंप से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक साथ दर्जनों ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई किया जा रहा है. नदी से खनन पर रोक के बावजूद बालू निकालकर डंपिंग यार्ड में पहुंचाया जा रहा है.
खड़सारी मोजा के चंद्रवारा गांव में संचालित उक्त बालू डंप के संवेदक राजीव कुमार हैं. नदी से बालू निकालकर ट्रैक्टरों के माध्यम से डंपिंग यार्ड में जमा कराया जा रहा है और बाद में चालान के माध्यम से इसकी बिक्री की जा रही है. इससे बिहार सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
निगरानी व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल
दरअसल, 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से बालू खनन पर रोक रहती है. इसके बावजूद रोक की अवधि में नदी से कथित तौर पर बालू निकालकर डंपिंग यार्ड तक पहुंचाए जाने का वीडियो सामने आने से खनन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल यह भी है कि डंपिंग यार्ड में पहुंच रहे बालू का स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच किस स्तर पर हो रही है.
बालू के अवैध कारोबार को लेकर सवाल इसलिए भी गंभीर हैं, क्योंकि हाल में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ दुर्व्यवहार के मामले में मुख्य आरोपितों में शामिल नंदन और हरेराम के बालू के कारोबार से जुड़े होने की बात सामने आई थी, लेकिन इस घटनाक्रम ने जिले में बालू के कथित अवैध कारोबार और आपराधिक गतिविधियों के संभावित कनेक्शन को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है.
अवैध खनन-बालू परिवहन के खिलाफ एक्शन
एक तरफ जमुई एसपी विश्वजीत दयाल अवैध खनन और बालू परिवहन के खिलाफ सड़क पर उतरकर कार्रवाई कर रहे हैं. दूसरी तरफ खनन विभाग के अधीन संचालित डंपिंग यार्ड को लेकर इस तरह के आरोप सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. खनन विभाग के पदाधिकारी रणधीर कुमार ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है. हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि जी मीडिया नहीं करता है.