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कैमूर जिले की अधौरा पुलिस की लचर कार्यप्रणाली और घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है. अधौरा से भभुआ आ रही एक युवती को नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा कर लिया गया और उत्तर प्रदेश के मथुरा में तीन लाख रुपये में बेच दिया गया. इस गंभीर मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और युवती को बरामद करने में पूरी तरह विफल साबित हुई. हालांकि, पीड़िता खुद किसी तरह मानव तस्करों के चंगुल से जान बचाकर वापस लौटी, जिसके बाद पुलिस उसे मेडिकल जांच के लिए भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंची.
सदर अस्पताल में पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी पुत्री अधौरा थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित अपने ननिहाल में रहती थी. बीते 2 अक्टूबर को वह अधौरा से भभुआ आने के लिए निकली थी. आरोप है कि रास्ते में सुनसान जगह देखकर अधौरा थाना क्षेत्र के कल्हुआ गांव निवासी गुल्लू राम और उसकी पत्नी पार्वती देवी ने युवती को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया और अपहरण कर लिया. इसके बाद आरोपी दंपती ने युवती को यूपी के मथुरा ले जाकर तीन लाख रुपये में बेच दिया.
काफी खोजबीन के बाद जब युवती का कहीं पता नहीं चला, तो परिजनों ने अधौरा थाने में नामजद आवेदन दिया. पुलिस ने कागजी खानापूर्ति करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली, लेकिन युवती की सकुशल बरामदगी या आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. करीब एक महीने तक पुलिस केवल तलाश का दावा करती रही, जबकि अपहर्ता युवती का सौदा कर चुके थे.
इस बीच युवती ने खुद हिम्मत दिखाई और मथुरा से किसी तरह भागकर वापस अपने घर लौट आई. युवती के खुद लौट आने से पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. अब पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई की औपचारिकता पूरी करने में जुटी है.
रिपोर्ट: नरेंद्र जायसवाल