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मोकामा विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है. वहीं, अब इसपर अनंत सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. मोकामा विधायक ने कहा- कोर्ट ने जो दिया, सही है. न्यायलय पर भरोसा है, बेल मिलेगा. अनंत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि नीरज ने सब करवाया. अंदर-अंदर वो केस लेकर दिल्ली चला गया. सरकार ने नहीं करवाया, नीरज ने करवाया है. इलेक्शन में वोट मांग रहे थे, मै वहां नहीं था. नीरज ने दुलारचंद का मर्डर करवाया है, हमको फंसा दिया.
अनंत सिंह ने कहा कि विधायक बने एक भी केस नहीं था, नीरज ने सब करवाया है. नीरज ने जो कहा वो हुआ, पूरा गांव जानता है. मेरा विश्वास है कि नीतीश कुमार रहते तो ये सब नहीं होता. पार्टी का काम जाने, खाता नहीं खुलेगा. जब डेट है कोर्ट में रहेंगे. मैं कहीं नहीं जाऊंगा, भरोसा है बेल मिलेगा हमको. नीरज जी जिसको आशीर्वाद देंगे वही जिंदा रहेगा बाकी मर जाएगा. मेरा मन था मोकामा चुनाव बेटा लड़े, अब वो जाने लड़ेगा की नहीं.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अनंत सिंह के वकील हर्षवर्धन कुमार ने कहा कि अनंत सिंह की बेटी की शादी है. इसीलिए शादी बाद 1 दिसंबर को कोर्ट में सरेंडर करेंगे. वकील ने बताया कि क्रिमिनल इंसिडेंट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बेल रिजेक्ट किया है. निचली अदालत में हाजिर होंगे, उसके बाद दोबारा से हमलोग बेल फाइल करेंगे.
भाजपा प्रवक्ता सुमित शशांक ने कहा- माननीय सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है. सर्वोच्च न्यायिक संस्था जब कोई निर्णय देती है तो विभिन्न न्यायिक पक्षों की समीक्षा करने के बाद दी जाती है और तथ्यों के आधार पर दी जाती है. विपक्ष को इसमें राजनीति नहीं ढूंढनी चाहिए. किसी भी फैसले का राजनीतिकरण विपक्ष को शोभा नहीं देता. विपक्ष अपनी गंदी राजनीति से बचे. सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जब भी आता है, अथवा किसी भी न्यायालय का जब कोई निर्णय आता है, तो वो व्यक्ति और बड़े समूह को देखते हुए निर्णय दिया जाता है, जो कि राज्य और देश के कल्याण के लिए होता है.
कांग्रेस प्रवक्ता चंद्रभूषण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, वो हम लोगों को सर्वमान्य है. विधानसभा चुनाव के टाइम ही जब अनंत सिंह पर यह इल्जाम लगा था कि उन्होंने दुलारचंद यादव का हत्या किया था, तब किसी भी जेडीयू के नेता ने या बीजेपी नेता ने कुछ भी उनके खिलाफ बोलने की हिमाकत नहीं की. क्योंकि उनको ऐसा लग रहा था कि ऐसा करने से उनको भूमिहारों का वोट कंसंट्रेटेड रूप में मिल रहा है. लेकिन जिसने भी गलत किया है, उसको सजा मिलनी ही चाहिए। और जिसके साथ भी गलत हुआ है उसको न्याय मिलना ही चाहिए. सुप्रीम कोर्ट का जो निर्देश आया है, उसको हम तहे दिल से स्वागत करते हैं.