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आमतौर पर आपने स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हुए टीचर को ही देखा होगा. इसके साथ आपने स्कूल के गलियारों में भागते बच्चे और क्लास के बाहर इंतजार करते स्टूडेंट भी देखे होंगे. लेकिन अमेरिका के रोड आइलैंड में स्थित एक मिडिल स्कूल में इन दिनों एक ऐसा सदस्य भी है, जिसे देखकर बच्चों के चेहरे खिल जाते हैं.
इसका नाम पाइनकोन है. करीब साढ़े तीन साल का यह बिल्ला स्कूल में बाकायदा अपनी ड्यूटी निभाता है. उसे बच्चों के बीच रहने और उनका मूड अच्छा करने के लिए स्कूल ने काम पर रखा है. स्कूल की आर्ट टीचर कैली स्मिथ उसे हफ्ते में तीन दिन अपने साथ लेकर आती हैं. बच्चों के बीच उसकी मौजूदगी से स्कूल का माहौल भी पहले से ज्यादा खुशनुमा हो गया है.
आमतौर पर स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हुए टीचर दिखाई देते हैं. गलियारों में भागते बच्चे और क्लास के बाहर इंतजार करते स्टूडेंट भी नजर आते हैं. लेकिन अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित एक मिडिल स्कूल में इन दिनों एक ऐसा सदस्य भी है, जिसे देखकर बच्चों के चेहरे खिल जाते हैं. इसका नाम पाइनकोन है. करीब साढ़े तीन साल का यह बिल्ला स्कूल में बाकायदा अपनी ड्यूटी करता है. उसे बच्चों के बीच रहने और उनका मूड अच्छा करने के लिए रखा गया है. स्कूल की आर्ट टीचर कैली स्मिथ उसे हफ्ते में तीन दिन अपने साथ लेकर आती हैं.
पाइनकोन को स्कूल में लाना इतना आसान नहीं था. कैली स्मिथ ने सितंबर 2025 में स्कूल प्रशासन से इसके लिए अनुमति मांगी थी. इसके बाद यह देखा गया कि वह बच्चों की भीड़ और स्कूल के शोर-शराबे के बीच कैसा व्यवहार करता है. पीपल मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, पाइनकोन ने शांत रहने का टेस्ट पास किया. इसके बाद जनवरी 2026 में उसे स्कूल आने की मंजूरी मिल गई. अब वह ज्यादातर समय आर्ट रूम में बिताता है. क्लास के बीच मिलने वाले ब्रेक में कभी गलियारों में घूमता है तो कभी बच्चों के लॉकर के आसपास नजर आता है.
कैली स्मिथ के अनुसार, पाइनकोन का स्कूल में होना सिर्फ बच्चों के मनोरंजन तक सीमित नहीं है. वह उन स्टूडेंट्स के लिए भी मददगार साबित हो रहा है, जो किसी वजह से परेशान या तनाव में रहते हैं. कई बार बच्चों का दिन अच्छा नहीं गुजरता. ऐसे में वे कुछ देर पाइनकोन के साथ बैठने और उसे सहलाने के लिए आर्ट रूम में आ जाते हैं. स्मिथ बताती हैं कि बिल्ली के साथ कुछ पल बिताने से बच्चों को अच्छा महसूस होता है और वे थोड़ी देर के लिए अपनी चिंता से दूर हो जाते हैं. उनका कहना है कि पाइनकोन स्कूल में एक अच्छा माहौल बनाने और बच्चों को भावनात्मक सहारा देने का काम करता है.
पाइनकोन की अपनी कुछ आदतें भी हैं, जिनकी वजह से बच्चे उसे और पसंद करते हैं. वह अक्सर आर्ट रूम के दरवाजे पर बैठा रहता है. ऐसा लगता है जैसे स्कूल पहुंचने वाले हर बच्चे का स्वागत करना उसकी जिम्मेदारी हो. कभी वह गलियारे में घूमता दिखाई देता है तो कभी लॉकर के पास जाकर सूंघने लगता है. बच्चों ने मजाक में उसके इस काम को सिक्योरिटी ड्यूटी का नाम दे दिया है. हालांकि, उसकी ड्यूटी के बीच आराम का समय भी तय है. जब वह बच्चों के बीच नहीं होता तो अक्सर किसी कोने में आराम से सोता नजर आता है.
कैली स्मिथ ने बताया कि पाइनकोन को स्कूल में इतना पसंद किया जाएगा, इसका उन्हें भी अंदाजा नहीं था. बच्चे उसके साथ समय बिताना पसंद करते हैं. धीरे-धीरे वह स्कूल के रोजमर्रा के माहौल का हिस्सा बन गया है. स्मिथ के मुताबिक, पाइनकोन के सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की एक वजह उसका अंदाज भी है. वह ऐसे व्यवहार करता है जैसे स्कूल में बाकायदा नौकरी करता हो और उसे अपनी जिम्मेदारियों का पूरा पता हो.
स्कूल में पाइनकोन की मौजूदगी का एक दूसरा फायदा भी सामने आया है. बच्चे उसके साथ रहते हुए जानवरों के प्रति प्यार और संवेदनशीलता सीख रहे हैं. वे समझते हैं कि किसी जानवर को प्यार करने के साथ उसकी अपनी जगह और आराम का भी ध्यान रखना जरूरी है. यानी पाइनकोन बच्चों को सिर्फ तनाव से राहत नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें दूसरों की भावनाओं और जरूरतों का सम्मान करना भी सिखा रहा है.
पाइनकोन की कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने इसकी खूब तारीफ की. कई यूजर्स ने स्कूल के इस फैसले को बच्चों के लिए अच्छा कदम बताया. एक यूजर ने लिखा कि यह सच में प्रेरित करने वाला है. दूसरे ने कहा कि बच्चों को तनाव से राहत देने का यह कितना प्यारा तरीका है. एक अन्य यूजर ने इसे अब तक का सबसे प्यारा फर्स्ट डे व्लॉग बताया. वहीं कुछ लोगों ने कैली स्मिथ की भी तारीफ की कि वह अपनी बिल्ली को स्कूल लाकर बच्चों के लिए ऐसा माहौल बना रही हैं. पाइनकोन की कहानी इसलिए खास है क्योंकि स्कूल में उसकी कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है. न उसे पढ़ाना है और न ही किसी परीक्षा का रिजल्ट तैयार करना है. उसका काम बस बच्चों के बीच रहना और उन्हें कुछ पल की खुशी देना है.