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झारखंड में आने वाले 1 नवंबर को होने वाली जेटेट यानी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है. लंबे अंतराल के बाद आयोजित होने जा रही इस परीक्षा को मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने बेहद महत्वपूर्ण बताया है. मुख्य सचिव का कहना है कि यह परीक्षा राज्य में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी. वहीं, पिछली परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों और विवादों से सबक लेते हुए सरकार इस बार परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करना चाहती है.
जेटेट परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने खास बातचीत में कहा कि पिछले दिनों परीक्षा संचालन को लेकर लोगों में नाराजगी थी. सरकार ने अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना है और सामने आई अनियमितताओं की गहराई से जांच कराई जा रही है. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है. मुख्य सचिव ने बताया कि पिछली परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के बाद यह पहली परीक्षा है. इसलिए सरकार इस बार इसे बेहतर बनाने के लिए खास तैयारी की है.
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की परीक्षा की तैयारियों को लेकर राज्य के सभी जिलों के DC और SP के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की गई है. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष हो. परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए. साथ ही, कहीं भी अनियमितता सामने आने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए.
इस दौरान मुख्य सचिव ने पिछली परीक्षाओं के आयोजन का जिक्र करते हुए बीज और माली का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी तरफ से परीक्षा की तैयारी में खाद-पानी देने और पौधा तैयार करने का काम किया, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि बीज ही खराब था. उन्होंने भरोसा जताया कि जैक की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली जेटेट परीक्षा के लिए पूरी टीम तैयार है और इस बार परीक्षा का संचालन बेहतर तरीके से किया जाएगा.
रिपोर्ट: कमरान जलीली