83 लाख से अधिक की बेनामी संपत्ति: EOU ने बुलावा भेजा सोनार को, मुंगेर से पटना तक इंजीनियर नारद दास के ठिकानों पर छापा
आर्थिक अपराध इकाई टीम ने मुंगेर से पटना तक इंजीनियर नारद दास के ठिकानों पर छापेमारी की है. किराये के आवास और जिला योजना कार्यालय में आठ घंटे से अधिक कार्रवाई चली. इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए.
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने 8 अक्टूबर, 2026 दिन गुरुवार को मुंगेर में योजना और विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के दो ठिकानों पर छापेमारी की. एक टीम ने बेलन बाजार के बंगाली टोला स्थित उनके किराये के आवास की तलाशी ली, जबकि दूसरी टीम ने योजना भवन स्थित जिला योजना कार्यालय में सरकारी दस्तावेजों और विभिन्न योजनाओं से जुड़ी फाइलों को खंगाला.
जिला योजना कार्यालय में करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित दस्तावेजों की जांच की. बताया गया कि जांच के बाद कुछ महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज टीम अपने साथ ले गई.
वहीं, कार्यपालक अभियंता के आवास पर आठ घंटे से अधिक समय तक तलाशी अभियान चला. आवास पर छापेमारी के दौरान आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने एक आभूषण दुकानदार को इलेक्ट्रॉनिक तराजू के साथ बुलाया. आभूषण दुकानदार करीब पांच घंटे तक आवास पर मौजूद रहा. इससे आवास में रखे आभूषणों की भी जांच किए जाने की चर्चा रही.
छापेमारी के लिए मुंगेर पहुंचे आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी नीलाम्ब कृष्ण ने मीडिया से कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी पटना स्थित आर्थिक अपराध इकाई के कार्यालय की ओर से दी जाएगी. उन्होंने बताया कि कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के खिलाफ बुधवार को आर्थिक अपराध इकाई में मामला दर्ज किया गया था, जिसका कांड संख्या 28/26 है.
उन्होंने कहा कि न्यायालय से वारंट प्राप्त करने के बाद गुरुवार को कार्यपालक अभियंता के आवास और कार्यालय में सर्च अभियान चलाया गया. कार्रवाई के दौरान आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने विभिन्न दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच की. हालांकि, छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है.
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला
EOU पटना के रूपसपुर, मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर समेत 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है. प्रथम दृष्टया जांच में इंजीनियर की ज्ञात आय के स्रोतों से करीब 83 लाख 53 हजार 200 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का साक्ष्य मिला है, जो उनकी ज्ञात आय से 64.93 फीसदी अधिक बताई गई है.
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार