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Bagaha News: नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित बगहा अनुमंडल अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़ी सौगात मिली है. दरअसल, सदर अस्पताल की श्रेणी में शामिल इस अस्पताल में अब किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई है. महज दो महीने के भीतर ही सैकड़ों मरीजों का निःशुल्क डायलिसिस किया जा चुका है. इससे गरीब और असहाय मरीजों को बड़ी राहत मिली है. यही वजह है कि मरीजों, उनके परिजनों और चिकित्सकों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है.
बगहा में डायलिसिस की सुविधा शुरू
ये तस्वीरें बगहा अनुमंडल अस्पताल की हैं, जहां पहले डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को गोरखपुर, बेतिया और राजधानी पटना तक जाना पड़ता था. लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही किडनी के मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल रही है. बगहा के लाल डॉ. आशीष कुमार जायसवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार की इस पहल ने सीमावर्ती इलाके के मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है. यही वजह है कि सेवा शुरू होने के महज दो महीने के भीतर ही सैकड़ों मरीजों का सफलतापूर्वक डायलिसिस किया जा चुका है.
आयुष्मान और राशन कार्ड धारकों को प्राथमिकता
खास बात यह है कि आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड धारक पात्र मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल रहा है. इसके अलावा, अन्य मरीजों को भी नियमानुसार डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है. डायलिसिस जैसी महंगी चिकित्सा सेवा के लिए अब गरीब परिवारों को दूर-दराज के शहरों में जाने से राहत मिल रही है. अस्पताल में उपलब्ध जांच, दवाइयों और इलाज की सुविधाओं से मरीजों और उनके परिजनों को काफी सहूलियत हो रही है.
सरकारी अस्पताल में मिल रही सुविधा
वहीं, मरीजों और उनके परिजनों से अपील की जा रही है कि वे बिचौलियों के झांसे में न आएं और निजी अस्पतालों का रुख करने से पहले सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जरूर लें. कुल मिलाकर, बगहा अनुमंडल अस्पताल में डायलिसिस सेवा की शुरुआत सीमावर्ती क्षेत्र के किडनी रोगियों के लिए वरदान साबित हो रही है. अब जरूरत है कि इस सुविधा का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचे और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाया जाए.
रिपोर्ट: इमरान अजीज