बिहार में अजीबोगरीब मामला: मधुबनी कलेक्ट्रेट की होगी नीलामी, 4.17 करोड़ के बकाए में कोर्ट ने जारी किया नोटिस
बिहार के मधुबनी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां पर मधुबनी समाहरणालय ही नीलाम होने वाला है. इसके लिए बिल्डिंग पर कोर्ट की तरफ से जारी नीलामी की नोटिस को चस्पा कर दिया गया है.
मधुबनी समाहरणालय की नीलामी का नोटिस बिल्डिंग पर 1 अक्टूबर, 2026 दिन गुरुवार को चस्पा किया गया है. 5 नवंबर, 2026 को मधुबनी कोर्ट में समाहरणालय की नीलामी होगी. मामला एमएस राधाकृष्ण एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड बनाम पंडौल सूता मिल का 4.17 करोड़ रुपया बकाया रखने को लेकर है. दरअसल, मधुबनी कलेक्ट्रेट भवन की नीलामी को लेकर जिला और सत्र न्यायाधीश के न्यायालय की ओर से जारी नोटिस ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है. न्यायालय की तरस से जारी ऑक्शन उद्घोषणा में कलेक्ट्रेट भवन की संपत्ति को सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से बेचने की प्रक्रिया का जिक्र किया गया है.
4.17 करोड़ रुपया बकाया रखने का मामला
न्यायालय से जारी दस्तावेज के अनुसार, यह मामला आर्बिट्रेशन एग्जीक्यूशन केस संख्या - 3/2016 से संबंधित है. इसमें राधाकृष्ण एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को अवॉर्ड धारक बताया गया है, जबकि पंडौल को-ऑपरेटिव स्पिनिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य को निर्णय देनदार के रूप में दर्शाया गया है.
मधुबनी नगर स्थित कलेक्ट्रेट भवन का जिक्र किया गया
नोटिस में जिक्र है कि न्यायालय के आदेश के तहत बकाया राशि की वसूली के लिए अचल संपत्ति की सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. संपत्ति के विवरण में नगर थाना क्षेत्र के रहिका अंचल अंतर्गत मधुबनी नगर स्थित कलेक्ट्रेट भवन का जिक्र किया गया है. समाहरणालय परिसर के दक्षिणी हिस्से में स्थित जमीन और बिल्डिंग के ऑक्शन की संभावना जताई जा रही है.
समाहरणालय के उत्तरी हिस्से की नीलामी की संभावना
जारी नोटिस में नीलामी की तारीख 5 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है. नीलामी का स्थान सिविल कोर्ट मधुबनी बताया गया है. इच्छुक बोलीदाताओं को संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, स्वामित्व, कब्जे और अन्य कानूनी पहलुओं की जांच करने की सलाह दी गई है. समाहरणालय के उत्तरी हिस्से की नीलामी की संभावना है.
सफल बोलीदाता को निर्धारित समय में आवश्यक राशि जमा करनी होगी
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नीलामी न्यायालय के निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन होगी. सफल बोलीदाता को निर्धारित समय में आवश्यक राशि जमा करनी होगी. हालांकि, न्यायालय की ओर से नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि कलेक्ट्रेट भवन की नीलामी की प्रक्रिया अंतिम रूप से पूरी हो गई है. इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के आदेश महत्वपूर्ण होंगे. अब इस नोटिस के सामने आने के बाद जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
रिपोर्ट: बिंदु भूषण