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मोतिहारी में शिक्षा विभाग के HRMS पोर्टल पर बड़ा डाका, 60 लाख से अधिक की अवैध निकासी, शिक्षक और ऑपरेटर पर FIR दर्ज, मास्टरमाइंड कौन?

मोतिहारी में शिक्षा विभाग के HRMS पोर्टल पर अवैध निकासी का खुलासा हुआ है. शिक्षा विभाग के खाते से 60 लाख से अधिक की अवैध निकासी की गई है. वहीं, अब इस मामले में आरोपी शिक्षक और ऑपरेटर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

Edited By Shailendra
Published: Oct 28, 2026, 11:38 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 11:44 PM IST
Image Credit: मोतिहारी में शिक्षा विभाग के HRMS पोर्टल पर बड़ा डाका (Z News)
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बिहार के शिक्षा विभाग में ऑनलाइन वेतन भुगतान प्रणाली (HRMS) की सुरक्षा में सेंध लगाकर सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ है कि HRMS प्रणाली के संचालन के लिए अधिकृत कर्मियों ने ही तकनीकी मिलीभगत कर सरकारी राशि को निजी खातों में ट्रांसफर कर लिया. इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.

किन निर्देशों पर हुई कार्रवाई?

निदेशक, प्रशासन, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-2072 (दिनांक 12.10.2026) के तहत मिले निर्देशों के आलोक में जिला शिक्षा कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के HRMS वेतन भुगतान की विशेष जांच बिठाई गई थी. इसी जांच के दौरान इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ.

ऐसे दिया गया गबन को अंजाम

जांच में यह बात सामने आई कि HRMS के कार्यों के लिए प्रतिनियुक्त कर्मियों ने साजिशन प्रणाली के साथ छेड़छाड़ की. आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से सरकारी धन को अपने और अपने परिजनों के बैंक खातों में डायवर्ट किया. जून 2024 से सितंबर 2026 तक की लंबी अवधि के दौरान इस खेल को लगातार अंजाम दिया गया. इस दौरान कुल 60,57,158.00 रुपए की भारी-भरकम राशि की अवैध निकासी कर ली गई.

कौन हैं वे शातिर चेहरे?

इस पूरे खेल के पीछे प्रथमदृष्टया दो लोगों की संलिप्तता पाई गई है. मो. इमादुद्दीन शाबिर उर्फ बेताब, जो मदरसा मिसवाहुल उलूम सेमरहियां छौड़ादानों में मदरसा शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं, पिता-स्व० जलालुद्दीन शाबिर, निवासी-सिसहनी प्रखंड, ढाका. इमादुद्दीन ने इस अवैध निकासी में अपनी पत्नी रोविना कौशल के खाते का भी इस्तेमाल किया. अमन कुमार, जो HRMS ऑपरेटर के रूप में कार्य कर रहे थे, पिता-सत्यनारायण प्रसाद, निवासी- नया मोहल्ला छतौनी बाजार, मोतिहारी. अमन कुमार ने इस गबन की राशि को अपनी माता सुमन के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाया.

पुलिस की कार्रवाई

सार्वजनिक धन के इस भारी गबन और डिजिटल प्रणाली के दुरुपयोग को बेहद गंभीरता से लिया गया है. इस मामले में स्थानीय नगर थाना, मोतिहारी में दोनों आरोपियों के विरुद्ध सख्त धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है. पुलिस और संबंधित विभाग अब यह खंगालने में जुटा है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

मास्टरमाइंड कौन?

मोतिहारी शहर में इस बात की चर्चा है कि जब के.के. पाठक ने सभी की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी थी, तो मदरसा का उर्दू शिक्षक बेताब कैसे जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में जमा हुआ था? आखिर बेताब को डीईओ कार्यालय के किस कर्मी का वरदहस्त प्राप्त था? क्या यह अकेले एक कर्मी और डाटा ऑपरेटर के बस की बात है कि वह लाखों का गबन करता रहे और बिल के मेकर और चेकर को इसकी भनक तक नहीं लगे?

डीएम के निर्देश पर तब क्यों नहीं हुई कार्रवाई?

ऐसा नहीं था कि उर्दू शिक्षक बेताब बेदाग रहा था या उसकी गड़बड़ी की सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी को नहीं थी. खुदानगर के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बाकायदा बेताब पर दलाली और उगाही की शिकायत डीईओ से लेकर डीएम तक की थी. तब डीएम ने अपने ज्ञापांक 134 दिनांक 10/04/2026 को नासिर के आवेदन और उपलब्ध साक्ष्य को डीईओ के पास जांच करने और अग्रतर कार्रवाई करने के लिए भेजा था, पर तब बेताब पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसका नतीजा यह रहा कि वह आराम से प्रत्येक माह लाखों रुपये की फर्जी निकासी करता रहा. अगर आज बेताब और डाटा ऑपरेटर दोषी हैं, तो उनको संरक्षण देने वाले भी उतने ही दोषी हैं. अब जरूरत इस बात की है कि बेताब के संरक्षक पर भी कार्रवाई हो, ताकि फिर कहीं कोई दूसरा बेताब डीईओ कार्यालय में न रखा जा सके.

रिपोर्ट: पंकज कुमार

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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