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कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के भीतर की सरगर्मियां तब और तेज हो गईं जब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के रुख को लेकर नेताओं में तीखी बहस छिड़ गई. एक तरफ दिग्विजय सिंह ने रणनीतिक लिहाज से यह तर्क रखा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन से बाहर जाने से रोकना चाहिए था. उन्होंने कहा कि उनका साथ रहना बेहद जरूरी था. वहीं, इस तर्क को सिरे से खारिज करते हुए सोनिया गांधी ने बेहद सख्त शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार गद्दार हैं. भगवान का शुक्रिया कि वह समय रहते छोड़कर चले गए, अगर बाद में जाते तो और बुरा होता.
'राजनीति में भाषा की एक मर्यादा होती है, विपक्ष को जनता ने नकारा'
अब इस पर नेताओं के रिएक्शन में आ गए हैं. बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने विपक्ष की ओर से सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना है, लेकिन बिहार के चुनाव परिणामों से साफ हो चुका है कि जनता ने विपक्षी दलों को पूरी तरह नकार दिया है. सोनिया गांधी के बयान पर दामोदर रावत ने कहा कि राजनीति में भाषा की एक मर्यादा होती है और बयान देते समय उन्हें भी इसका ध्यान रखना चाहिए.
मंत्री संतोष कुमार सुमन का सोनिया गांधी पर तीखा प्रहार
INDIA गठबंधन की बैठक पर बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि देखिए, INDIA गठबंधन में एकता नाम की कोई चीज नहीं है. एकता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है. हमने यह भी देखा है कि वे इस बात से अभी तक नाराज हैं कि नीतीश कुमार ने उनका साथ क्यों छोड़ा, जबकि उन्हें गठबंधन का संयोजक बनाया जाना चाहिए था.
'INDIA गठबंधन में हर कोई खुद को ही नेता मानता'
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी समेत कई नेता अलग-अलग बातें कह रहे हैं और उन पर टिप्पणियां कर रहे हैं. इससे साफ है कि नीतीश कुमार को लेकर उनके दिल में अभी भी टीस बाकी है. अगर कोई व्यक्ति जो अब आपके गठबंधन का हिस्सा भी नहीं है, वह आज भी आपकी चर्चा और चिंता का मुख्य विषय बना हुआ है, तो समझ लीजिए कि INDIA गठबंधन के पास न तो कोई स्पष्ट नेता है और न ही कोई नेतृत्व. वहां हर कोई खुद को ही नेता मानता है.
रिपोर्ट: शिवम राज