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बिहार के चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने मुफस्सिल थानाध्यक्ष सम्राट सिंह को कर्तव्यहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है. डीआईजी ने उस दबंग थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की है, जो एसपी कार्यालय से जारी आदेशों को भी दरकिनार कर देता था.
आवेदक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए एसपी कार्यालय से इस थानाध्यक्ष को पांच-पांच बार आदेश भेजा गया था, लेकिन उसने हर बार आदेश को नजरअंदाज कर दिया. जब इस बात की शिकायत डीआईजी हर किशोर राय तक पहुंची, तो उन्होंने बिना देर किए मुफस्सिल थानाध्यक्ष सम्राट सिंह को तुरंत निलंबित कर दिया.
आवेदक सुरेंद्र प्रसाद ने आवेदन देकर बताया था कि उनकी बेटी की शादी 25 लाख रुपये में तय हुई थी, लेकिन पूरा पैसा दिए बिना शादी की रस्म पूरी नहीं करने की बात कही जा रही थी. आवेदक के पास पैसा देने के पुख्ता सबूत भी मौजूद थे. इसके बावजूद थानाध्यक्ष उनके आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रहे थे. आवेदक एसपी कार्यालय और थाने के चक्कर लगाते-लगाते थक गया, जिसके बाद उसने चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय से गुहार लगाई. डीआईजी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया. अब कंचन भास्कर को थाने का प्रभार दिया गया है और आवेदक सुरेंद्र प्रसाद के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
अब तक डीआईजी हर किशोर राय सीधी कार्रवाई करते हुए 25 से अधिक थानाध्यक्षों और जांच अधिकारियों को निलंबित कर चुके हैं. वहीं, तीन डीएसपी पर भी सीधी कार्रवाई की जा चुकी है. डीआईजी की अब इस राह में भ्रष्ट पुलिस अधिकारी ही उनका मुख्य निशाना हैं. चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय का नाम अब भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के लिए काल बन चुका है.
बता दें कि पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञाप्ति के अनुसार, आवेदक सुरेन्द्र प्रसाद, पिता स्व० जय प्रसाद, पता-रुपडीह, थाना-मुफसील, जिला- बेतिया की ओर से 10 अक्टूबर, 2026 को अधोहस्तादारी के कक्ष में जन सुनवाई के दौरान आवेदन समर्पित किया गया। आवेदन में उल्लेखित तथ्यों से पाया गया कि आवेदक अपने बेटी की शादी हीरा प्रसाद कुशवाहा, पिता-पलचारी महतो, ग्राम खैरी टोला, पोस्ट-पिपरा पकड़ी, थाना- गुफसील, बेतिया, जिला-पश्चिम चम्पारण के दूसरे बेटे धनेश कुमार से तय किए, जिसके बाद शादी के पूर्व की रहने निनाई गई.
प्रेस विज्ञाप्ति के अनुसार, लड़के पक्ष वाले शादी का दिन उतारने के लिए पच्चीस लाख रुपये की भांग करने लगे. इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदक 22 जुलाई, 2026 से लगातार मुफसील थाना, बेतिया जा रहे है. वह पुलिस अधीक्षक, बेतिया के कार्यालय से भी इनका आवेदन थानाध्यक्ष, मुफसील को 23 जुलाई, 2026 को पुलिस अधीक्षक, बेतिया का कार्यालय संदर्भ को इनका आवेदन प्रेषित किया गया था. बावजूद इसमें उनके की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं करना स्वेच्छाचारिता, वरीय पदाधिकारी के आदेश का उल्लंघन और संदिग्ध आचरण का परिचायक है.
उक्त के आलोक में पु.नि. सम्राट सिंह, थानाध्यक्ष गुफसील, बेतिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय पुलिस केन्द्र, बेतिया निर्धारित किया जाता है. अपर थानाध्यक्ष, नुकसील थाना, बेतिया थानाध्यक्ष मुफसील का प्रभार ग्रहण करेंगे और इस मामले (दहेज की मांग) में प्राथमिकी दर्ज करना सुनिश्चित करते हुए जल्द अनुसंधान करवाना सुनिश्चित करेंगे.
रिपोर्ट: धनंजय द्विवेदी