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BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों को मिलेगा बिहारी स्वाद, सत्तू और मखाना मिटाएंगे थकान

BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए दुनिया के तमाम देशों के राजनेता और मीडियाकर्मी भारत आ रहे हैं. विदेशी मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया गया है, जिसमें भारतीय अनाज और मसालों का भरपूर इस्तेमाल होगा. विदेशी पत्रकारों के लिए मीडिया किट भी तैयार की जा रही है, जिसमें बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किया गया है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 11, 2026, 10:43 AM IST | Updated: Sep 11, 2026, 10:52 AM IST
Image Credit: विदेशी मेहमान चखेंगे बिहार के सत्तू और मखाना का स्वाद (AI तस्वीर)
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नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS समिट के लिए तैयारियां जोरों पर हैं. दुनिया के तमाम देशों से आने वाले नेताओं और प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं. ब्रिक्स समिट में इस बार सिर्फ कूटनीति और वैश्विक मुद्दों की चर्चा नहीं होगी, बल्कि भारत के अलग-अलग राज्यों के स्वाद और हुनर की झलक भी देखने को मिलेगी. जानकारी के मुताबिक, विदेशी मेहमानों के लिए ऐसा मेन्यू तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें भारतीय फूड (खाने) का एक्सपीरियंस मिल सके. मेन्यू में नॉर्थ, सेंट्रल और साउथ इंडिया तक के स्वाद को खास जगह दी गई है. समिट में आने वाले अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मेहमानों को बिहार का सत्तू और मखाना परोसा जाएगा.

विदेशी मेहमान चखेंगे सत्तू का स्वाद

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि इस बार मीडिया किट के जरिए 'इंडिया स्टोरी' को सामने रखने की कोशिश की गई है. इसका मकसद भारत की पारंपरिक चीजों, खान-पान और अलग-अलग राज्यों की खासियतों को अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने पेश करना है. उन्होंने बताया कि ब्रिक्स समिट में आने वाले विदेशी मेहमान और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से जुड़े लोग बिहार के सत्तू और मखाना का स्वाद चख सकेंगे. सत्तू को बिहार का पारंपरिक पेय बताया गया है, जबकि मखाना राज्य का बेहद लोकप्रिय उत्पाद है. विदेश मंत्रालय की इस पहल से इन दोनों उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग पहचान मिलने की उम्मीद है.

बिहार का मखाना भी किट में शामिल

मखाना पहले से ही बिहार की पहचान से जुड़े प्रमुख उत्पादों में शामिल है. वहीं सत्तू बिहार के पारंपरिक खान-पान का अहम हिस्सा है. इस बार मीडिया किट में सिर्फ बिहार के साथ-साथ ओडिशा और गुजरात की खासियतों को भी जगह दी गई है. ओडिशा की ओर से कोरापुट की कॉफी को शामिल किया गया है, जबकि गुजरात सरकार ने अलग-अलग तरह के हस्तशिल्प उपलब्ध कराए हैं. इन चीजों को वे अपने साथ भी ले जा सकेंगे. विदेश मंत्रालय की यह पूरी पहल भारत की विविधता और अलग-अलग राज्यों की खासियतों को सामने रखने की कोशिश है.

जी-20 में परोसा गया था लिट्टी-चोखा

बता दें कि पीएम मोदी हमेशा से भारत आने वाले विदेशी राजनेताओं को देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और खाद्य पदार्थों से परिचित कराते रहे हैं. जब भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन हुआ था, तब विदेशी मेहमानों के मुख्य मैन्यू में लिट्टी-चोखा को विशेष रूप से शामिल किया गया था. बिहार का पारंपरिक खाना अब अपनी पौष्टिक खासियत और अनोखे स्वाद के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. अब ब्रिक्स समिट में भी विदेशी मेहमानों को भारतीय खाना चखने को मिलेगा. सूत्रों के मुताबिक, मेन्यू में बाजरा उपमा, अवधी कबाब, हैदराबादी बिरयानी और किनुआ बिरयानी जैसी चीजों को जगह दी गई है. यानी मेहमानों को एक ही जगह पर भारत के अलग-अलग स्वाद चखने का मौका मिलेगा.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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