2 बीजेपी और 2 राजद: बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए को बड़ा झटका, 8 में से 3 पर ठिठक गया सत्तारूढ़ गठबंधन
इस साल राष्ट्रीय जनता दल को विधान परिषद में जबर्दस्त बूस्ट मिला है. भोजपुर बक्सर सीट हथियाने के बाद राजद ने पटना शिक्षक निर्वाचन सीट अपने नाम कर ली और उसके बाद दरभंगा स्नातक सीट उसने भारतीय जनता पार्टी से छीन ली.
बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए को बड़ा झटका लगा है. एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी दरभंगा स्नातक सीट गंवा बैठी है. राष्ट्रीय जनता दल के अनिल कुमार झा ने भाजपा के सर्वेश कुमार को द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती में पछाड़ दिया है. इस तरह विधान परिषद की 8 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए महज 3 पर सिमट गई है, जबकि उसके पास पहले से 4 सीटें थीं. 3 सीटें भाजपा के पास थीं और एक सीट जनता दल यूनाइटेड के पास, लेकिन अब चुनाव बाद भाजपा के पास इनमें से केवल 2 सीटें रह गई हैं और एक सीट जनता दल यूनाइटेड के पास. राष्ट्रीय जनता दल की बात करें तो उसके पास इन 8 में से एक भी सीट नहीं थी, लेकिन अब उसने भारतीय जनता पार्टी से 2 सीटें छीन ली हैं. इस साल विधान परिषद में राष्ट्रीय जनता दल की सीटों में जबर्दस्त इजाफा हुआ है. इससे पहले भोजपुर बक्सर सीट पर हुए चुनाव में भी राष्ट्रीय जनता दल ने जनता दल यूनाइटेड को हराकर जीत हासिल की थी.
इस बार के विधान परिषद चुनाव में बीजेपी ने अब तक कोसी स्नातक और तिरहुत शिक्षक सीट पर जीत हासिल की है. दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार को लेकर बीजेपी को उम्मीदें थीं, लेकिन अब वह उम्मीद टूट चुकी है. राजद के अनिल कुमार झा बाजी मार चुके हैं. इस तरह बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में एक सीट का नुकसान हुआ है और इसका सीधा फायदा राष्ट्रीय जनता दल को हुआ है. राष्ट्रीय जनता दल को सीधे 2 सीटों का फायदा हुआ है.
विधान परिषद में बीजेपी के पास 15 सीटें थीं, जो इस चुनाव के बाद बढ़कर 17 हो गई हैं. पटना शिक्षक और दरभंगा स्नातक सीट कब्जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के हौसले बुलंद हैं. तेजस्वी यादव ने एक दिन पहले खुद कहा था, 'स्नातक और शिक्षक सीटों पर हमारी पार्टी को जीत नहीं मिलती थी, लेकिन अब इन सीटों पर जीत हासिल होने से हौसले बुलंद हो गए हैं और पार्टी इन तबकों की बेहतरी के लिए शिद्दत से काम करेगी.'
हालिया बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के पास सदन में कुल 26 सदस्य थे. जिन 8 सीटों पर चुनाव हुए थे, उनमें से 3 पर पार्टी काबिज थी. वो 3 सीटें हैं- कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र. अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और दरभंगा स्नातक सीट राष्ट्रीय जनता दल ने कब्जा ली है. तिरहुत शिक्षक सीट भाजपा के खाते में गई है. इस तरह कोसी स्नातक और तिरहुत शिक्षक सीट ही भाजपा के पास रह गई हैं. इसका मतलब यह हुआ कि इस चुनाव में पार्टी को एक सीट का नुकसान हो गया है. उसके पास पहले से 3 सीटें थीं और अब केवल 2 सीटें हासिल हुई हैं.
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल इन 8 में से किसी भी सीट पर काबिज नहीं थी, लेकिन उसने पटना शिक्षक निर्वाचन सीट और दरभंगा स्नातक सीट भाजपा के कब्जे से छीन लिया और विधान परिषद में अपने सदस्यों की संख्या 17 कर ली है. दूसरी ओर, विधान परिषद में भाजपा के 26 सदस्य थे, जो अब 25 रह गए हैं. कांग्रेस दरभंगा शिक्षक सीट हार गई है, जिससे उसके पास विधान परिषद में केवल एक सीट रह गई है. जेडीयू के सदन में 20 पार्षद थे और 20 ही रहेंगे, क्योंकि उसे किसी भी सीट का नुकसान नहीं हुआ.