SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

रोज 8 घंटे जलकुंभी हटाने वाली मशीन का बन रहा है बिल, फिर भी जलकुंभी से पटा है मोतीझील

मोतिहारी की मोतीझील जलकुंभी से पटी हुई है. प्रशासन स्तर पर इसकी सफाई के लिए रोज आठ घंटे जलकुंभी हटाने वाले मशीन का बिल बन रहा है. वहीं, मोतीझील की जीवन बचाने वाले में एक अधिवक्ता कुमार अमित पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सिस्टम को जगाने में लगे हुए हैं.

Edited By Shailendra
Published: Oct 28, 2026, 05:46 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 05:57 PM IST
Image Credit: जलकुंभी से पटा हुआ है मोतिहारी की आत्मा कही जाने वाली मोतीझील (Z News)
Join

मोतिहारी की लाइफलाइन कहे जाने वाले मोतीझील की खुशकिस्मती है कि मोतिहारी में कुछ लोग ऐसे हैं जो मोतीझील को जिंदा रखना चाहते हैं. मोतिहारी के युवा, समाजसेवी और बुद्धिजीवी का एक वर्ग ऐसा है, जिसने प्रधानमंत्री जब मोतिहारी आए थे, तब 'सेव मोतीझील' मुहिम को उन तक पहुंचाया था. हालांकि समय-समय पर रमन कुमार, शीर्षत कपिल अशोक जैसे डीएम भी मोतिहारी आए, जिन्होंने मोतीझील के लिए धरातल पर कुछ काम किया. मोतीझील की जीवन बचाने वालों में एक अधिवक्ता कुमार अमित भी हैं, जो लगातार पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सिस्टम को जगाने में लगे हुए हैं, जिनकी याचिका पर पटना हाईकोर्ट का आदेश छह माह में लंबित कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है.

क्या है मामला?

मोतीझील के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण से संबंधित अवमानना वाद में पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को शेष कार्य छह महीने के भीतर पूरा कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह और न्यायमूर्ति सौरेन्द्र पांडेय की खंडपीठ ने 1 अक्टूबर 2026 को MJC No. 3862/2024, मूल वाद CWJC No. 3876/2022 में यह आदेश पारित किया.

याचिकाकर्ता मोतिहारी निवासी पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कुमार अमित द्वारा दायर इस वाद में न्यायालय के 5 मई 2023 के आदेश के अनुपालन का मुद्दा उठाया गया था. पूर्व आदेश में मोतीझील की गाद की सफाई और ड्रेजिंग, अतिक्रमण हटाने, तटबंधों और पार्कों के विकास और रत्नागिरि चैनल को अतिक्रमणमुक्त करने से संबंधित निर्देश दिए गए थे.

मुख्य सचिव द्वारा 18 सितंबर 2026 को दाखिल शपथपत्र के अनुसार, कुल 158 चिह्नित अतिक्रमणों में से 138 हटाए जा चुके थे. शेष 20 मामलों में 16 सरकारी और चार गैर-सरकारी भवनों से संबंधित प्रकरण न्यायालय में लंबित बताए गए. रिपोर्ट में गाद की सफाई का कार्य 70 प्रतिशत, स्नान घाट का 40 प्रतिशत, शौचालय ब्लॉक का 50 प्रतिशत, चेंजिंग रूम का 40 प्रतिशत और तटबंध सुधार का कार्य 22 प्रतिशत पूरा बताया गया था. पार्कों का विकास, पाथवे निर्माण, वृक्षारोपण, बेंच और कूड़ेदान लगाने के कार्य लंबित थे.

हाईकोर्ट के मुख्य निर्देश को जानिए

छह माह में कार्य पूरा करना

मोतीझील की गाद की सफाई और ड्रेजिंग, शेष अतिक्रमण हटाने और रत्नागिरि चैनल और तटबंधों से अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा कराया जाए.

संपूर्ण क्षेत्र का सौंदर्यीकरण

वृक्षारोपण, बेंच, कूड़ेदान और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्य निर्धारित अवधि में पूरे किए जाएं.

मुख्य सचिव की निगरानी

बिहार सरकार के मुख्य सचिव सभी संबंधित कार्यों की समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करें.

अनुपालन रिपोर्ट

मुख्य सचिव 31 मार्च 2027 तक उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें, जिसे न्यायाधीशों के अवलोकन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा.

दोबारा अवमानना याचिका की स्वतंत्रता

निर्धारित छह महीने में मुख्य सचिव के आश्वासन का अक्षरशः और वास्तविक भावना के अनुरूप पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता कुमार अमित नई अवमानना याचिका दायर कर सकेंगे. न्यायालय ने उपर्युक्त निर्देशों के साथ अवमानना वाद का निस्तारण कर दिया. आदेश का प्रमुख उद्देश्य मोतीझील के पुनरुद्धार से जुड़े लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना और उनके अनुपालन की स्थिति न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराना है.

रिपोर्ट: पंकज कुमार

यह भी पढ़ें: नेपाल के रास्ते मोतिहारी आ रही थी 5 लाख की जाली करेंसी, तस्कर गिरफ्तार, अब NIA करेगी जांच

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES