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बिहार विद्या साथी ऐप का कमाल: 1 महीने में 3 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़े, इनमें 73 प्रतिशत ग्रामीण

बिहार विद्या साथी ऐप का कमाल देखने को मिला है. 1 महीने में 3 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़े हैं. बैठक में शिक्षा मंत्री ने व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार और बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर विशेष बल दिया.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Sep 24, 2026, 06:49 AM IST | Updated: Sep 24, 2026, 07:04 AM IST
Image Credit: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी (@mkrtiwari_bjp)
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बिहार विद्या साथी ऐप से वर्तमान में 3 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं. इनमें लगभग 73 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों के हैं. ऐप की शुरुआत के एक माह के भीतर यह आंकड़ा उत्साहवर्धक है. इसकी जानकारी शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दी है. मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार (23 सितंबर, 2026) को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति सभागार में समीक्षा बैठक हुई. इस दौरान समिति की कार्यप्रणाली, परीक्षा व्यवस्था, व्यावसायिक शिक्षा एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श किया गया. बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष श्री एस. त्यागराजन समेत सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे.

परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की पहल
बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक तकनीक आधारित, पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया गया. विद्यार्थियों की पहचान एवं परीक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अपार आईडी को फेस आईडी से जोड़ने तथा परीक्षा केंद्रों पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी की समीक्षा की गई.

कौशल आधारित पाठ्यक्रम पर जोर
शिक्षा मंत्री ने व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार और बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर विशेष बल दिया. उन्होंने विद्यार्थियों के बीच व्यावसायिक शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. साथ ही ऐसे पुराने ट्रेड एवं पाठ्यक्रम, जिनकी वर्तमान समय में उपयोगिता कम हो गई है, उनकी समीक्षा कर उन्हें हटाने, आधुनिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर जोर दिया. इनमें एनिमेशन डिजाइनिंग, एआई, मोबाइल रिपेयरिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं.

शैक्षणिक अवसरों को सुगम बनाने पर चर्चा
बैठक में मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके लिए उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक अवसरों को सुगम बनाने पर भी चर्चा हुई. मैट्रिक और इंटर में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए समिति की ओर से पत्र उपलब्ध कराने पर विचार किया गया. साथ ही, सिमुलतला आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के प्रवेश को अधिक सुगम बनाने की दिशा में भी पहल करने पर जोर दिया गया. शिक्षा मंत्री ने आईटीआई और औद्योगिक प्रशिक्षण को बेहतर करियर विकल्प के रूप में प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई.

प्रोत्साहन राशि देने की दिशा में भी तैयारी
बैठक में स्कूल ड्रॉपआउट को कम करने को लेकर भी विशेष चर्चा हुई. 10वीं के बाद 12वीं तक नहीं पहुंच पाने वाले विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा अथवा कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया. विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने के उद्देश्य से प्रोत्साहन राशि देने की दिशा में भी तैयारी करने पर चर्चा हुई.

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक में सीबीटी (कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट) आधारित परीक्षाओं के परिणाम समय पर जारी करने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ परिणाम प्रकाशन में समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता की पहुंच को और व्यापक बनाने पर बल दिया गया.

-आईएएनएस

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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