'भूमिहार ब्राह्मण' को लेकर बिहार में फिर गरमाई सियासत, 29 जनप्रतिनिधियों ने CM को लिखी चिट्ठी
बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष के 21 विधायक और 8 विधान पार्षदों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चिट्ठी लिखकर 'भूमिहार ब्राह्मण' जाति समाप्त करने का आरोप लगाया है. इन विधायकों और विधान पार्षदों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने गड़बड़ी करते हुए उनकी जाति बदल दी है.
बिहार में 'भूमिहार ब्राह्मण' को लेकर एक बार फिर से सियासत गरमा गई है. बिहार में हुई जातीय जनगणना के बाद से 'भूमिहार ब्राह्मण' जाति को ही समाप्त कर दिया गया है और सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ भूमिहार शब्द का इस्तेमाल करने का आदेश है. इसको लेकर अब तमाम जन-प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चिट्ठी लिखी है. इसमें बीजेपी, जेडीयू, राजद, हम और लोजपा-आर पार्टी के जन-प्रतिनिधि शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, दलीय दीवार को तोड़ते हुए सत्तापक्ष और विपक्ष के 21 विधायक और 8 विधान पार्षदों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. इन नेताओं ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि उनकी जाति भूमिहार नहीं बल्कि 'भूमिहार ब्राह्मण' है. इन विधायकों और विधान पार्षदों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने गड़बड़ी करते हुए उनकी जाति बदल दी है.
विधायकों और MLCs का आरोप है कि सामान्य प्रशासन विभाग की गड़बड़ी से रिकॉर्ड में 'भूमिहार ब्राह्मण' की जगह केवल 'भूमिहार' कर दिया गया है. इससे 39 लाख आबादी संकट में है. मुख्यमंत्री को लिखी गई चिट्ठी में यह भी कहा कि 1931 की जनगणना, खतियान व गजेटियर में जाति 'भूमिहार ब्राह्मण' दर्ज हैं, लेकिन अंचलों में साक्ष्य खारिज कर 'भूमिहार' प्रमाण-पत्र बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रमाण-पत्र में पिता और बेटे की जाति अलग-अलग होने से दूसरे प्रदेशों में EWS आरक्षण पाने में दिक्कत होती है.
जातीय जनगणना 1931 का रिकॉर्ड क्या कहता है?
1931 में हुई जातीय जनगणना के गजेटियर में ‘भूमिहार ब्राह्मण’ दर्ज है. जानकारी के मुताबिक, 1931 की जनगणना के गजट में भूमिहारों को अलग-अलग क्षेत्रों में 'भूमिहार', 'भूमिहार ब्राह्मण' या 'अयाचक ब्राह्मण' के रूप में दर्ज किया गया था. इस जनगणना के दौरान भूमिहार समाज के सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने स्वयं को स्पष्ट रूप से 'ब्राह्मण' वर्ग के अंतर्गत दर्ज कराने का अभियान चलाया था. उस वक्त 'भूमिहार ब्राह्मण' की आबादी 8.94 लाख दर्ज की गई थी
चिट्ठी लिखने वालों में कौन-कौन शामिल?
चिट्ठी लिखने वालों में विधायकों में विजय कुमार सिन्हा, अजीत कुमार, जिवेश कुमार, विशाल प्रशांत, बाबूलाल शौर्य, माधव आनंद, कुमार पुष्पंजय, सच्चिंद्र प्रसाद सिंह, शालिनी मिश्रा, रोमित कुमार, ऋतुराज कुमार, कुंदन कुमार, पंकज कुमार मिश्रा, मनोज कुमार, रजनीश कुमार, नरेंद्र कुमार सिंह, रंजन कुमार, देवेश कांत सिंह, राहुल कुमार, अनंत कुमार सिंह और सिद्धार्थ सौरव शामिल हैं.