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बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है. 2026 के अंत में मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल खत्म होना है, लेकिन चुनाव की तैयारियों पर अभी तक कोई काम नहीं हो रहा है. समय पर चुनाव कराने की मांग को लेकर मामला पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है, जिस पर गुरुवार (10 सितंबर) को सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है. इस बीच बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत चुनाव कब होंगे? इसको लेकर जवाब दिया है.
परिसीमन के बाद होगा चुनाव- मंत्री दीपक
मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि फिलहाल परिसीमन का काम चल रहा है, जिसकी वजह से चुनाव में देरी हो रही है. उन्होंने कहा कि जैसे ही परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होगी, चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. चुनाव की तारीख को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का काम है और परिसीमन की प्रक्रिया भी आयोग की ओर से ही की जा रही है. उन्होंने कहा कि एक बार परिसीमन पूरा होने के बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग ही चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान तय करेगा.
हाईकोर्ट में पहुंच गया है मामला
वहीं, इस मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी करके दोनों से हलफनामा दाखिल कर पंचायत चुनाव की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चुनाव की घोषणा में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव समय पर कराने का आदेश दिया गया है.
परिसीमन के बाद ही चुनाव संभव!
फिलहाल, पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन का काम चल रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग सभी जिलों में नई सीमाएं तय करने का काम आगे बढ़ा रहा है. परिसीमन के बाद ही आरक्षण की स्थिति साफ हो पाएगी. इसके बाद एससी, एसटी, अति पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए सीटों का नया कोटा तय किया जाएगा. आरक्षण तय होने के बाद नई वोटर लिस्ट बनाई जाएगी और वोटिंग सेंटर तय किए जाएंगे. इस पूरी प्रक्रिया में कुछ महीनों का समय लग सकता है, जिससे समय पर चुनाव होने पर सस्पेंस बना हुआ है.