बिहार MLC चुनाव: महागठबंधन में दरार! राजद के खिलाफ कांग्रेस ने 5 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
बिहार विधान परिषद चुनावों को लेकर महागठबंधन में दरार आ गई है. कांग्रेस ने भी विधान परिषद की पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. नतीजतन, अब राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस आमने-सामने होंगे.
बिहार में होने वाले विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है. राज्य की कुल 8 सीटों (4 शिक्षक और 4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों) के लिए हो रहे इस चुनाव में सभी प्रमुख दलों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. विधानसभा चुनावों की तरह एक बार फिर महागठबंधन के भीतर आपसी खींचतान सामने आ गई है.
कांग्रेस ने 5 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
कांग्रेस ने 5 सीटों पर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर चार सीटों पर आरजेडी के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं, जिससे दोनों दल आमने-सामने हैं.
कांग्रेस के 5 उम्मीदवार
- दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर मदन मोहन झा
- कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मनोज कुमार जायसवाल
- दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीकांत पाठक
- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजय यादव
- पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से असादुल्लाह खान
आरजेडी ने पटना शिक्षक से संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोसी स्नातक से नितेश कुमार और दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है.
बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर तैयार की अपनी रणनीति
दूसरी तरफ, सत्ताधारी एनडीए गठबंधन में बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर अपनी रणनीति तैयार की है. बीजेपी ने नवल किशोर यादव, एनके यादव, सर्वेश कुमार और नरेंद्र प्रसाद सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि जेडीयू ने नीरज कुमार, अभिषेक झा, आनंद पुष्कर और घनश्याम राय को टिकट दिया है.
नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच तकरार
हालांकि, जेडीयू के भीतर अंदरखाने तनातनी भी खुलकर सामने आ रही है. पार्टी के एमएलसी नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच विरोध देखने को मिला है. अनंत सिंह ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर जन सुराज के उम्मीदवार को समर्थन दे दिया है.
जन सुराज और आम आदमी पार्टी भी मैदान में
इन सबके बीच प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' ने सभी आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर कड़ा मुकाबला खड़ा कर दिया है. वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी सभी आठ सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिससे विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है.