बेतिया राज की जमीनों से हटेगा अवैध कब्जा, 15 हजार एकड़ से अधिक भूमि की मापी शुरू
बेतिया राज की जमीनों से अब अवैध कब्जा हटेगा. 15 हजार एकड़ से अधिक भूमि की नापी शुरू हो गई है. इसके लिए जिला प्रशासन ने पैमाइश शुरू कर दी है. जिन लोगों ने राज की जमीन पर अवैध निर्माण या कब्जा कर रखा है, उन्हें विधिवत कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
पश्चिम चंपारण जिले में ऐतिहासिक बेतिया राज की संपत्ति और जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो चुकी है. लंबे समय से चल रहे विवादों और प्रक्रियाओं के बाद अब बेतिया राज की लगभग 15,556 एकड़ जमीन आधिकारिक तौर पर बिहार सरकार के अधीन आ चुकी है. सरकार के नियंत्रण में आने के बाद जिला प्रशासन ने इस पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और इसका ब्योरा तैयार करने के लिए व्यापक पैमाने पर अभियान भी शुरू कर दिया है.
जमीन की मापी का काम शुरू
इस बड़े अभियान के तहत जमीन के एक-एक हिस्से को चिन्हित कर मापी कराई जा रही है. इसी कड़ी में बेतिया स्थित बरवत फार्म की लगभग 15 एकड़ भूमि की विस्तृत पैमाइश पूरी की गई. यह पूरी कार्रवाई बेतिया राज के प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा और स्थानीय अंचलाधिकारी (सीओ) पल्लवी कुमारी की मौजूदगी और निगरानी में संपन्न हुई. मौके पर मौजूद प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों के दल ने जमीन की चौहद्दी और वास्तविक स्थिति का गहन निरीक्षण किया.
प्रत्येक क्षेत्र की तैयार की जा रही रिपोर्ट
बेतिया राज के प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में फैली 15,556 एकड़ भूमि की चरणबद्ध तरीके से मापी कराई जा रही है. प्रत्येक क्षेत्र की सटीक रिपोर्ट तैयार कर सीधे जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि सरकार के राजस्व अभिलेखों को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों ने राज की जमीन पर अवैध निर्माण या कब्जा कर रखा है, उन्हें विधिवत कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
नोटिस के बाद यदि कब्जा नहीं हटाया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए जमीन को खाली कराया जाएगा. प्रशासन की सक्रियता और सख्ती से जिले भर के अवैध कब्जाधारियों और भू-माफिया में हड़कंप मच गया है. आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा, जिससे दशकों से फंसी सरकारी जमीन वापस प्रशासन के सीधे नियंत्रण में आ सकेगी.