भोजपुर में पूर्व कस्टम अधिकारी हत्याकांड के आरोपियों का निकला 'गुंडा परेड', मुंह लटकाए कोर्ट पहुंचे अपराधी
भोजपुर जिले में कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है. भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के निर्देश पर पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर एक 'गुंडा परेड' निकाला गया.
भोजपुर जिले में पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार 3 आरोपियों का पुलिस ने गुरुवार (22 अक्तूबर, 2026) को गुंडा परेड कराया. भोजपुर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के निर्देश पर भारी पुलिस बल के साथ इस परेड को अंजाम दिया गया. गिरफ्तार सभी आरोपियों को आरा शहर में नवादा थाने से विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आरा सिविल कोर्ट ले जाया गया. पुलिस के इस कदम से जिले में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों के मनोबल पर असर पड़ना स्वाभाविक है. गुंडा परेड के दौरान सभी आरोपी मुंह लटकाए पुलिस अभिरक्षा में आरा सिविल कोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया.
जमीन के टुकड़े के लिए रामकुमार सिंह की हत्या
भोजपुर पुलिस की इस ऐतिहासिक कदम को आम लोगों ने उत्तर प्रदेश का योगी मॉडल माना है. इस दौरान पुलिस ने इन आरोपी के पास से बरामद एक थार गाड़ी को भी मीडिया के सामने पेश किया. पुलिस लगातार इस कांड में शामिल सभी अपराधियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है.
भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने इस कांड के सभी पहलुओं के बारे में मीडिया को जानकारी दी. जो वाकई बेहद चौंकाने वाला है. पुलिस की जानकारी में सामने आया है कि महज कुछ जमीन के टुकड़े के लिए रामकुमार सिंह की हत्या की गई थी. हालांकि, परिवारवालों ने भी जमीन के रंजिश में ही रामकुमार सिंह की हत्या की आशंका जताई थी और 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.
जानें आखिर क्या है पूरा मामला-
बता दें कि 15 अक्टूबर की सुबह जमीन विवाद को लेकर पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की कनकपुरी इलाके में मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई. अज्ञात हमलावरों ने उन पर 7 से 8 राउंड गोलियां चलाईं.
इस हत्या के बाद, SP अवधेश दीक्षित ने सदर SDPO-1 सुशील कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर, SIT ने कोलकाता हवाई अड्डे से चंदन सिंह और अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया. इसके बाद, इन दोनों से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने आरा से टीपू कुमार को भी पकड़ लिया.
रिपोर्ट: मनीष कुमार सिंह