CM सम्राट के 2 मंत्री आपस में भिड़ेः 'यादव जाति' पर भगवान सिंह कुशवाहा के बयान से नाराज हुए राम कृपाल यादव
जमुई कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने 'यादव जाति' पर बड़ी विवादित टिप्पणी की. इसको लेकर सम्राट सरकार में बीजेपी कोटे से मंत्री राम कृपाल यादव ने भी अपनी नाराजगी जताई है.
जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़खानी का मामला अभी तक शांत नहीं हुआ है. इस घटना को लेकर अब सीएम सम्राट चौधरी के दो वरिष्ठ मंत्री आपस में भिड़ गए हैं. दरअसल, सम्राट सरकार में जेडीयू कोटे से मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने जमुई कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए 'यादव जाति' पर बड़ी विवादित टिप्पणी की है. उनके बयान पर बिहार के यादव समाज के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है. इसी कड़ी में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सम्राट सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने भी अपनी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि यादव समाज ने देश और समाज के लिए हमेशा बलिदान दिया है. राम कृपाल यादव ने कहा कि मुझे किसी से चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, वे हर समाज के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं.
मंत्री राम कृपाल यादव ने जताई नाराजगी
मंत्री रामकृपाल यादव ने मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा पर पलटवार करते हुए कहा कि यादव समाज का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है. इस समाज ने देश और समाज की रक्षा के लिए हमेशा आगे बढ़कर काम किया और समय-समय पर देश-समाज के लिए बहुत बड़े-बड़े बलिदान, कुर्बानियां और त्याग दिए हैं. बिहार के कई जिलों से सामने आई छेड़खानी की घटनाओं पर मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि जमुई हो, समस्तीपुर हो या बांका, सरकार ने इन सभी घटनाओं पर अपनी कड़ी नजर रखी हुई है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत बेहद कड़ाई से कार्रवाई कर रही है. लेकिन समाज को भी खड़ा होना होगा. बीजेपी नेता ने कहा कि ऐसे तत्वों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए और इनके खिलाफ एक बड़े सामाजिक आंदोलन को खड़ा करने की भी जरूरत है.
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने क्या कहा था?
जमुई कांड पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा था कि 'मैं किसी विशेष जाति की बात नहीं करता हूं, लेकिन यादव जाति में आप देख लीजिए, लुच्चा लफंगा की संख्या ज्यादा है.' मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा यहीं नहीं रुके थे. उन्होंने आगे दावा किया था कि जेलों में सबसे अधिक इसी जाति के लोग बंद हैं. इस बयान पर विवाद बढ़ने पर मंत्री जी ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने यादव समाज को अपराधी नहीं कहा था. उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत कर राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है.
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा की सफाई
विवाद बढ़ने पर मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने सफाई देते हुए कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती. उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले व्यक्ति की पहचान अपराधी के रूप में होनी चाहिए, उसकी जाति के आधार पर नहीं. मंत्री कुशवाहा ने कहा कि उनके बयान का आशय यादव समाज को अपराधी बताना कतई नहीं था. उनके बयान को कुछ लोगों ने संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया और इसे यादव समाज के खिलाफ बयान के रूप में प्रचारित किया गया. उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति या समुदाय का हो, उसे अपराधी के रूप में ही देखा जाना चाहिए. कोई भी समाज अपराधियों को संरक्षण नहीं देना चाहता.
अब भगवान सिंह कुशवाहा का बैकग्राउंड देखिए
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का नाम बिहार के बाहुबली नेताओं में लिया जाता है. वह पूर्व नक्सली जगदीश महतो के दामाद हैं. कुशवाहा पर खुद हत्या, हत्या के प्रयास, दंगे और घातक हथियार रखने जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं. 1993 में भोजपुर के इचरी गांव में राजपूत समुदाय के 5 लोगों की हत्या मामले में वह आरोपी थे, लेकिन 2023 में कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था. इसी तरह से 2013 में अखिल भारतीय राष्ट्रीय किसान महासंघ के नेता विनोद सिंह की हत्या का आरोप भी उन पर लग चुका है.