SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

भागलपुर में गंगा ने मचाई तबाही, 10 प्रखंडों की 50 से अधिक पंचायतें जलमग्न, जुगाड़ की नाव बनी सहारा

Bihar Flood: भागलपुर में गंगा की बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है. जिले के 10 प्रखंडों की 50 से अधिक पंचायतों में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. कई जगह घरों के अंदर 6 से 8 फीट तक पानी पहुंच गया है.

Edited By Rupak Kumar
Published: Sep 07, 2026, 10:36 AM IST | Updated: Sep 07, 2026, 09:07 PM IST
Image Credit: भागलपुर में गंगा ने मचाई तबाही (वीडियो ग्रैब)
Join

Bihar Flood: बिहार के भागलपुर में गंगा नदी का रौद्र रूप दिन प्रति दिन भयावह होते जा रहा है. बाढ़ ने भागलपुर जिले में शहरी से लेकर ग्रामीण और दियारा इलाकों में तबाही मचा रखी है. जिले के 10 प्रखंडों की 50 से अधिक पंचायतों में डेढ़ लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है. मिर्जापुर से लेकर नाथनगर के दियारा इलाके और सुल्तानगंज तक सैकड़ों घर जलमग्न हैं. कई गांवों में पानी 6 से 8 फीट तक पहुंच चुका है.

जुगाड़ की नाव बना सहारा
बाढ़ के कारण लोग अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं, तो कई परिवार सुरक्षित जगह की तलाश में NH-80 के किनारे अस्थायी ठिकाना बनाकर रह रहे हैं. जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के आवागमन के लिए करीब 70 नावों की व्यवस्था की गई है, लेकिन बाढ़ का दायरा इतना बड़ा है कि कई जगह प्रशासन की नावें भी नहीं पहुंच पा रही हैं. ऐसे में लोगों ने अपनी मजबूरी से ही रास्ता निकाल लिया है. फोम, लकड़ी, प्लास्टिक के डब्बों और अन्य सामानों को जोड़कर स्थानीय लोग जुगाड़ की नाव तैयार कर रहे हैं. इन अस्थायी नावों पर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं. किसी को राशन लाना है, किसी को दवा की जरूरत है, तो किसी को मुख्य सड़क तक पहुंचना है.

NH 80 के आसपास दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
भागलपुर के नाथनगर इलाके के मिर्जापुर में और एनएच-80 के आसपास बसे दर्जनों गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं. यहां के सैकड़ों घर पानी में डूबे हैं, गलियां और सड़कें जलमग्न हैं और लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस बाढ़ से कब राहत मिलेगी.

गंगा में आया उफान लोगों के लिए बनी मुसीबत
मिर्जापुर से नाथनगर के दियारा इलाके तक और आगे सुल्तानगंज तक गंगा में आया उफान लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है. एक तरफ लोगों के घर डूब गए हैं, तो वहीं दुसरी ओर रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी भी ठप पड़ गई है. बहुत लोग तो अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं. कुल मिलाकर, भागलपुर में गंगा की बाढ़ सिर्फ पानी नहीं, बल्कि अपने साथ लोगों के लिए बेबसी, डर और दर्द लेकर आई है और इस पानी के बीच अब जिंदगी जुगाड़ की नाव के सहारे चल रही है.

रिपोर्ट: अश्वनी कुमार

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES