अयोध्या से जनकपुर के बीच चलेगी ट्रेन, जानिए बिहार के किन स्टेशनों से गुजरेगी
अयोध्या से जनकपुरधाम तक का सफर बहुत ही जल्द आसान होने वाला है. भारत और नेपाल को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के लिए रामायण सर्किट परियोजना के तहत एक साप्ताहिक ट्रेन चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. ये ट्रेन उत्तर प्रदेश के अयोध्या से चलकर बिहार होते हुए नेपाल में प्रवेश करेगी.
बहुत जल्द अयोध्या से जनकपुरधाम तक का सफर आसान होने वाला है, क्योंकि नेपाल और भारत के बीच एक सप्ताहिक ट्रेन चलने वाली है. अयोध्या से जनकपुरधाम तक का सफर अब केवल आस्था और विश्वास का मार्ग नहीं रहेगा, बल्कि यह दो देशों के बीच रेल संपर्क का एक बेहद मजबूत माध्यम बनने जा रहा है. भारत और नेपाल को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के लिए रामायण सर्किट परियोजना के तहत एक सीधी साप्ताहिक ट्रेन चलाने की कवायद काफी तेज कर दी गई है. सब कुछ तय रणनीति के अनुसार चला, तो आगामी विवाह पंचमी के पावन अवसर से पहले श्रद्धालुओं को इस स्पेशल ट्रेन की बड़ी सौगात मिल सकती है.
अधिकारियों की अहम बैठक
इस नई रेल सेवा को धरातल पर उतारने के लिए सीमावर्ती जयनगर रेलवे स्टेशन पर भारत और नेपाल के उच्च अधिकारियों के बीच एक हाई लेवल मीटिंग संपन्न हुई. इसमें रेलवे प्रशासन, पुलिस-सुरक्षा बलों और कस्टम विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बातचीत का मुख्य बिंदु ट्रेन के समय से संचालन, यात्रियों की सुरक्षा जांच, वीजा या पहचान पत्र की औपचारिकताएं और सीमा क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना था.
पटरियों की मजबूती और क्षमता की जांच की गई
बैठक समाप्त होने के बाद दोनों देशों के संयुक्त जांच दल ने जयनगर से लेकर नेपाल के जनकपुर-कुर्था तक के रेल ट्रैक का जायजा लिया. इस दौरान पटरियों की मजबूती और क्षमता की जांच की गई. सिग्नल सिस्टम और ऑटोमैटिक इंटरलॉकिंग को परखा गया. रेलवे क्रॉसिंग, फाटकों और स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का निरीक्षण हुआ. तैयार की गई टेक्निकल रिपोर्ट को जल्द ही दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.
ये होंगे रूट और यहां रुकेगी ट्रेन
यह ट्रेन उत्तर प्रदेश से शुरू होकर बिहार के कई बड़े जिलों और बॉर्डर क्षेत्रों को कवर करते हुए नेपाल में एंट्री करेगी. अयोध्या धाम स्टेशन से चलकर गोरखपुर, नरकटियागंज जंक्शन, रक्सौल, सीतामढ़ी जंक्शन, दरभंगा, जयनगर और जनकपुरधाम यानी नेपाल पहुंचेगी. इस सीधी रूट कनेक्टिविटी की वजह सेश्रद्धालु बिना बार-बार गाड़ियां बदले एक ही सफर में संपूर्ण रामायण परिपथ के मुख्य स्थलों के दर्शन कर सकेंगे.
सफर होगा शानदार
लंबे सफर को ध्यान में रखते हुए इस स्पेशल ट्रेन में एसी और स्लीपर क्लास के डिब्बे शामिल किए जाएंगे. यात्रियों की सुविधा के लिए भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा और कस्टम जांच की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया जाएगा, ताकि किसी को परेशानी न हो. दोनों देशों के बीच इसके MoU पर तेजी से काम चल रहा है.
बिहार के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस ट्रेन सेवा का सीधा फायदा बिहार के लोगों और स्थानीय व्यापार को मिलने वाला है. सीतामढ़ी, दरभंगा, रक्सौल और जयनगर जैसे स्टेशनों पर ठहराव होने से स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या और जनकपुर दोनों स्थानों की यात्रा बेहद सुलभ हो जाएगी. इसके अलावा, बॉर्डर इलाकों में धार्मिक पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और स्थानीय रोजगार को एक नई रफ्तार मिलेगी.