नेपाल बॉर्डर से पकड़े गए पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के 2 मददगार, भारतीय नंबरों से दिलाते थे WhatsApp एक्सेस
आंध्र प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक जासूसी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने बिहार के रक्सौल से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. वे भारतीय फोन नंबरों का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी एजेंटों को व्हाट्सएप का एक्सेस उपलब्ध कराते थे.
आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने देश विरोधी जासूसी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन फायरवॉल-2026' के दूसरे चरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के रक्सौल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, ये आरोपी भारतीय सिम कार्ड से जुड़े ओटीपी पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों तक पहुंचाने के नेटवर्क का हिस्सा थे. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि भारतीय मोबाइल नंबरों पर आने वाले ओटीपी साझा कर पाकिस्तान में व्हाट्सऐप अकाउंट सक्रिय किए जा रहे थे.
दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
इन अकाउंट्स का इस्तेमाल कथित तौर पर जासूसी गतिविधियों और भारत की संप्रभुता, सुरक्षा एवं अखंडता के खिलाफ गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. 25 अक्टूबर को शुरू किए गए ऑपरेशन के तहत आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने बिहार एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और स्थानीय पुलिस के सहयोग से नेपाल सीमा से सटे रक्सौल क्षेत्र में पांच संदिग्धों से पूछताछ की और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए. प्रारंभिक जांच में संलिप्तता पाए जाने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंटों की मदद
पहला आरोपी राजा कुमार है, जो रक्सौल में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट के रूप में काम करता था. पुलिस के अनुसार वह भारतीय मोबाइल नंबरों के ओटीपी साझा कर पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंटों के लिए व्हाट्सऐप अकाउंट सक्रिय कराने में मदद करता था. इसके लिए वह नेपाल स्थित हैंडलरों के जरिए संपर्क में रहता था. जांच में यह भी सामने आया कि उसने दूसरे व्यक्ति के नाम पर एयरटेल पेमेंट्स बैंक अकाउंट खुलवाकर उसमें ओटीपी उपलब्ध कराने के बदले धनराशि प्राप्त की थी.
एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के माध्यम से होती थी बात
पुलिस के अनुसार, इसी नेटवर्क से जुड़े एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव, जो 'सोनी" या "सोनी क्वीन' नाम का इस्तेमाल करता था, इसने विशाखापट्टनम में नौसेना अधिकारियों के लिए कार्यरत एक अनुबंध चालक अन्नम साई वरा प्रसाद से संपर्क कर पूर्वी नौसेना कमान की युद्धपोतों और पनडुब्बियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की थी. दूसरा आरोपी आदित्य कुमार उर्फ आदित्य कुमार पांडेय है. पुलिस का आरोप है कि वह राजा कुमार और अन्य लोगों के साथ मिलकर भारतीय सिम कार्ड से जुड़े ओटीपी का उपयोग कर व्हाट्सऐप अकाउंट सक्रिय कराने में शामिल था. वह कथित तौर पर वसीम, सुल्तान और नईम नामक पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनसे संवाद करता था.
अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा
दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया और बाद में विजयवाड़ा की अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 10 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को विजयवाड़ा में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. जांच में आरोप था कि पाकिस्तान से जुड़े तत्व भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से रक्षा और नौसेना से जुड़े कर्मियों से संपर्क कर गोपनीय सूचनाएं जुटाने का प्रयास कर रहे थे.
सभी पहलुओं की गहन जांच जारी
जांच के दौरान 1 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से नौसेना अधिकारियों के लिए काम करने वाले अनुबंध चालक अन्नम साई वरा प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 3 अक्टूबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से विशाखापट्टनम नौसैनिक अड्डे के कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया. दोनों फिलहाल विजयवाड़ा जिला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. आंध्र प्रदेश पुलिस ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए कानून के अनुसार आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
-आईएएनएस