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UCC पर अमित शाह के बयान से बिहार में घमासानः RJD-JDU एकमत तो LJPR-HAM ने कही ये बात

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2029 से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने की बात कही है. अमित शाह का यह दावा बिहार में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि जेडीयू ने साफ कहा है कि बिहार में यूसीसी लागू नहीं हो पाएगा.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 14, 2026, 01:50 PM IST | Updated: Sep 14, 2026, 02:58 PM IST
Image Credit: UCC पर अमित शाह के बयान से बिहार में घमासान (File Photo- Zee Media)
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी शासित 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर देंगे. शाह के इस बयान को लेकर बिहार में सियासी पारा चढ़ गया है. भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि समान नागरिक संहिता का सीधा अर्थ है, सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून. विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषयों में अलग-अलग व्यवस्थाओं की जगह, एक समान कानूनी ढांचा हो. यही UCC का उद्देश्य है. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का मानना है कि यह कदम संविधान के अनुच्छेद-44 की भावनाओं के अनुरूप है और इससे कानून के सामने समानता आएगी. इससे महिलाओं के अधिकारों और नागरिक न्याय की व्यवस्था और मजबूत होगी.

राजद ने बीजेपी के सहयोगियों से मांगा जवाब

इस मुद्दे पर राजद और जेडीयू एक साथ आ गए हैं. दोनों दोलों ने बिहार में यूसीसी को लागू नहीं होने की बात कही है. राजद ने भाजपा के सहयोगी दलों से UCC को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है. राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि UCC का मतलब है कि संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करना. इसका मकसद कहीं न कहीं देश के अंदर वैसी व्यवस्था कायम करना, जिससे सभी धर्मों के लोग प्रभावित होंगे. जेडीयू को साफ करना चाहिए कि वह इस मामले पर क्या राय रखती है? चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा भी इस मामले पर स्पष्ट करें कि उनकी नीति क्या है? इन लोगों को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ देश के अंदर जो सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने अधिकार के अनुसार जीने का जो संवैधानिक व्यवस्था है, उसको कमजोर करने वाली कार्रवाई के साथ खड़े हैं?

JDU बोली- बिहार में नहीं लागू होगा UCC

वहीं, जेडीयू नेता श्याम रजक ने साफ कहा कि बिहार में UCC लागू नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में UCC कानून का समर्थन करने के बावजूद बिहार में इसे लागू नहीं किया जाएगा. इस मामले पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि हमें इसके बारे में जानकारी नहीं है. जानकारी लेकर बताऊंगा. वहीं, 18 सितंबर को होने वाली जदयू विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है. सभी सदस्यों को बुलाया गया है. किस तरह से अपनी बात को मजबूती से रखना है, क्या नया नियम है? क्या प्रावधान है? इस संदर्भ में एक्सपेक्ट आ रहे हैं, उसके माध्यम से प्रबोधन कार्यक्रम होगा. कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मौजूद रहेंगे.

UCC सिर्फ एक चुनावी शिगूफा है- कांग्रेस

UCC को लेकर प्रवक्ता शिशिर कौडिल्य ने कहा कि अमित शाह जी अभी तक यह बताने के लिए तैयार नहीं हैं कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में देश के लिए उनकी उपलब्धि क्या रही है. UCC सिर्फ एक चुनावी शिगूफा है. अमित शाह जी को भारतीय जनता पार्टी की जमीन खिसकती नजर आ रही है, इसीलिए उन्होंने यह शिगूफा छोड़ा है. इसीलिए इसका टारगेट भी 2029 तक लिया है, लेकिन देश की जनता जानती है और भारतीय जनता पार्टी इस बार सत्ता से बेदखल होगी. उधर, इस मुद्दे पर एनडीए में शामिल केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी का बयान भी काफी अहम माना जा रहा है.

HAM-चिराग की प्रतिक्रिया भी बड़ी अहम

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी HAM (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) ने यूसीसी का समर्थन किया है. HAM प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि उनकी पार्टी UCC का समर्थन करती है. उन्होंने कहा कि देश में समानता और आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए समान नागरिक संहिता जरूरी है. वहीं, केंद्रीय मंत्री और लोजपा-आर अध्यक्ष चिराग पासवान ने UCC का समर्थन करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता, भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा है, लेकिन सत्तासीन एनडीए के भीतर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जब तक इस पर एक मसौदा उनके सामने नहीं रखा जाता, तब तक वह कोई पद नहीं ले सकते.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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