बिहार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब डाक के जरिए सीधे घरों में मौत का फरमान भेजा जा रहा है! ताजा मामला जहानाबाद का है, जहां शहर के दो रसूखदार व्यवसायियों से टीपीसी बिश्नोई गैंग के नाम पर कुल 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है. रकम वसूलने की शर्त ऐसी कि सुनकर होश उड़ जाएं. छत पर लाल झंडा लगाओ, गुर्गा आकर कैश ले जाएगा, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहो. मामला नगर थाना क्षेत्र के मलहचक कुटियापर का है. वहीं, इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.
रंगदारी का पहला पत्र सूर्य वर्चस्व स्कूल के निदेशक मनीष कुमार को भेजा गया है. मनीष कुमार देश की जानी-मानी दवा कंपनी अरिस्टो फार्मा के मैनेजिंग डायरेक्टर उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू के दामाद हैं. उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई है. जबकि, दूसरा पत्र उसी परिसर के मकान मालिक और व्यवसायी प्रवीण कुमार शर्मा को मिला है, जिनसे 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है.
धमकी भरे पत्र में रंगदारी वसूलने का बेहद अजीबोगरीब तरीका बताया गया है. पत्र में 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है और लिखा गया है कि जब पैसे का इंतजाम हो जाए, तो स्कूल की छत पर लाल झंडा लगा दिया जाए. लाल झंडा देखकर गैंग का गुर्गा खुद आकर रकम वसूल कर लेगा. इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई, तो जान-माल का भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा.
दोनों पत्र बभना निवासी सहदेव सिंह के नाम से पोस्ट किए गए हैं और चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों ही पत्रों की लिखावट और तेवर हूबहू एक जैसे हैं, जिससे स्पष्ट है कि दोनों पत्रों के पीछे एक ही गिरोह या व्यक्ति का हाथ है.
इधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर गहन छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पत्रों की जांच की जा रही है. पता लगाया जा रहा है कि क्या वास्तव में इस मामले में टीपीसी बिश्नोई गैंग की संलिप्तता है या किसी स्थानीय असामाजिक गिरोह ने खौफ पैदा करने के लिए इस नाम का इस्तेमाल किया है. साथ ही डाकघर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पत्र पोस्ट करने वाले संदिग्ध की पहचान की जा सके.
रिपोर्ट: मुकेश कुमार