सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और चुनावी प्रक्रिया में धांधली के मामले की सुनवाई हुई, जिस पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया है. इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, जिस तरह से बिहार में धांधली हुई, हम लोग लगातार कहते थे कि चुनाव आयोग ईमानदारी से काम नहीं कर रहा है. हमलोग लगातार वोट चोरी की बात कर रहे थे, वो अब सामने आ रहा है. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर पद से जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकती. 10 महीने में दो इलेक्शन कमिश्नरों की ओर से 14 आपत्ति दर्ज कराई गई. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति वाली कमेटी में मुख्य न्यायाधीश को भी शामिल किया था, लेकिन सरकार ने कानून बनाकर इसमें बदलाव कर दिया.
बिहार और बंगाल, दोनों जगहों पर हुई धांधली
तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लगातार नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम करते रहे. बिहार हो या फिर बंगाल विधानसभा चुनाव, दोनों जगहों पर जबर्दस्त धांधली हुई है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार में लोगों के खातों में 10 हजार रुपये भेजे जा रहे थे तो चुनाव आयोग क्या कर रहा था. तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इनलोगों ने एक डिजिट दे दिया है कि इस राज्य में हमको इतनी सीटें चाहिए.
ज्ञानेश कुमार को वोट चोरी के लिए ही बैठाया गया
राजद के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और वहीं से भाजपा के लोगों ने लोकतंत्र खत्म करने की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि हमलोग संविधान और लोकतंत्र में भरोसा रखने वाले लोग हैं. हम किसी कीमत पर लोकतंत्र खत्म नहीं होने देंगे. जिस प्रकार से ज्ञानेश कुमार को नमूना बनाकर वोट चोरी हुई, पीएम मोदी और अमित शाह ने यह काम कराया है. ज्ञानेश कुमार को वोट चोरी के लिए ही बैठाया गया था.
7 अक्टूबर को हर प्रखंड में निकालेंगे आक्रोश मार्च
तेजस्वी यादव ने कहा कि कल दिल्ली में विपक्षी दलों के सारे सांसदों का विरोध मार्च है. उसके बाद विपक्षी दलों के नेता राष्ट्रपति से भी मिलने जाएंगे. हमलोगों ने तय किया है कि हम एक साथ सड़क पर उतरेंगे. इसके अलावा, 7 अक्टूबर को इंडिया ब्लॉक के लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हर प्रखंड में आक्रोश मार्च निकालेंगे.
8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा महागठबंधन
उन्होंने यह भी बताया कि 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर महागठबंधन के साथी धरना-प्रदर्शन करेंगे. पटना में सभी विपक्षी नेता सड़क पर होंगे और राजभवन मार्च करेंगे. इसी दिन विधानसभा के सामने सप्तमूर्ति के पास से राजभवन मार्च निकाल जाएगा.
उन्होंने कहा कि अगर ईमानदारी से चुनाव होता तो नेता काम करता. अभी ये लोग क्या काम कर रहे हैं.