ऑटोमैटिक कार चलाते हैं तो भूल से भी न करें ये 5 गलतियां! वरना जल्दी खराब हो सकता है गियरबॉक्स, आएगा भारी खर्च
ऑटोमैटिक कार चलाना जितना आसान है, इसकी थोड़ी सी अनदेखी उतनी ही भारी पड़ सकती है. गियरबॉक्स खराब होने पर जेब ढीली होना तय है. जानिए आपकी कार का ट्रांसमिशन कितने साल चलेगा और इसे महंगे रिपेयरिंग खर्च से कैसे बचाएं.
आज के समय में ज्यादातर लोग आराम से ड्राइविंग के लिए ऑटोमैटिक कार खरीदना पसंद कर रहे हैं. इसमें गियर बदलने का झंझट नहीं होता, इसलिए ड्राइविंग काफी आसान हो जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कार का ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन यानी गियरबॉक्स एक बहुत ही मुश्किल हिस्सा होता है? अगर यह खराब हो जाए, तो इसे ठीक कराने में भारी भरकम खर्चा आ जाता है.
सड़क पर कार दौड़ाते वक्त हम अक्सर गियरबॉक्स को इग्नोर कर देते हैं, लेकिन जब इसमें कोई खराबी आती है तो जेब पर भारी-भरकम झटका लगता है. लोग नई कार खरीदते वक्त माइलेज और फीचर्स पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन इस बात से बेखबर रहते हैं कि उनकी कार का ऑटोमैटिक गियरबॉक्स आखिर कितने साल तक उनका साथ देगा?
अगर आप भी अपनी गाड़ी को लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के चलाना चाहते हैं और गियरबॉक्स के भारी-भरकम रिपेयरिंग खर्च से बचना चाहते हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सिर्फ कुछ आसान और जरूरी कामों पर ध्यान देकर आप अपनी कार के गियरबॉक्स की लाइफ को दोगुना कर सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है वो खास तरीका और गियरबॉक्स को खराबी से बचाने के सबसे असरदार टिप्स.
कितनी होती है ऑटोमैटिक गियरबॉक्स की उम्र?
अगर कार की सही देखरेख की जाए तो एक ऑटोमैटिक गियरबॉक्स बिना किसी बड़ी समस्या के करीब 1.5 लाख से 2 लाख मील यानी लगभग 2.5 से 3 लाख किलोमीटर तक आसानी से चल सकता है. हालांकि, यह सिर्फ एक अनुमान है. आपकी कार के गियरबॉक्स की उम्र 3 खास बातों पर तय करती है-
गियरबॉक्स का प्रकार
नार्मल गियर वाले ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ज्यादा मजबूत होते हैं. वहीं, CVT गियरबॉक्स की लाइफ नार्मल ऑटोमैटिक के मुकाबले करीब आधी होती है.
सही मेंटेनेंस
आप समय पर सर्विस कराते हैं या नहीं, इससे गियरबॉक्स की लाइफ तय होती है.
ड्राइविंग की आदत
आप कार को किस तरह चलाते हैं, इसका सीधा असर गियरबॉक्स पर पड़ता है.
गियरबॉक्स खराब होने के कारण
ऑटोमैटिक गियरबॉक्स आमतौर पर लापरवाही, गलत तरीके से गाड़ी चलाने या समय पर सर्विस न कराने से खराब होते हैं. जब आप गलत ट्रांसमिशन फ्लुइड यानी ऑयल डालते हैं, समय पर ऑयल नहीं बदलते, या कार की क्षमता से ज्यादा वजन खींचते हैं, तो गियरबॉक्स पर प्रेशर काफी ज्यादा बढ़ता है.
इससे गियरबॉक्स के अंदर गर्मी और रगड़ बढ़ जाती है, जिससे पार्टस घिसने लग जाते हैं.
खराब होने से पहले कार देती है यह इशारे
कार के नीचे से गियर ऑयल का लीक होना.
गियरबॉक्स वाली जगह से गड़गड़ाहट या तेज आवाज आना.
गियर का सही समय पर न बदलना या अचानक गियर अटक जाना.
कार के डैशबोर्ड पर चेक इंजन की लाइट जलना.
गियरबॉक्स की लाइफ बढ़ाने के 5 आसान टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार का गियरबॉक्स सालों-साल बिना किसी खराबी के चले, तो इन आसान बातों का ध्यान जरूर रखें-
समय पर गियर ऑयल चेंज करें
अपनी कार की ओनर मैनुअल गाइड के अनुसार सही समय पर गियर ऑयल बदलवाएं. सीवीटी गियरबॉक्स में हर 30,000 से 40,000 किलोमीटर पर ऑयल बदलना जरूरी होता है.
पार्किंग ब्रेक का इस्तेमाल करें
गाड़ी पार्क करते समय हमेशा हैंडब्रेक यानी पार्किंग ब्रेक लगाएं, जिससे गियरबॉक्स पर पूरा वजन न पड़े.
पूरी तरह रुककर गियर बदलें
कार को रिवर्स, न्यूट्रल या ड्राइव मोड में डालने से पहले गाड़ी को पूरी तरह रोक लें. चलती गाड़ी में गियर बदलना भारी पड़ सकता है.
कार को वॉर्म-अप करें
गाड़ी स्टार्ट करने के तुरंत बाद तेज न भगाएं. गियरबॉक्स को थोड़ा गर्म होने का समय दें.
ओवरलोडिंग से बचें
कार पर उसकी क्षमता से ज्यादा वजन न लादें और न ही ज्यादा भारी सामान खींचें. इससे गियरबॉक्स पर ज्यादा जोर पड़ता है.
अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो आपकी कार का ऑटोमैटिक गियरबॉक्स लंबे समय तक आपका साथ निभाएगा और आप भारी-भरकम खर्च से बचे रहेंगे.