पानी पर फिसली BJP विधायक की गाड़ी! आखिर क्या है खतरनाक 'एक्वाप्लानिंग', जो चलती कार को कर देती है बेकाबू?
बारिश के मौसम में सड़क पर जमा पानी तेज रफ्तार वाहनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. गंगा एक्सप्रेसवे पर बीजेपी विधायक की फॉर्च्यूनर के हादसे ने एक्वाप्लानिंग के खतरे को सामने ला दी है. आखिर यह क्या है और कार अचानक कैसे अपना कंट्रोल खो देती है?
सफर के दौरान कब एक्सीडेंट हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. जरा सी लापरवाही, बड़े हादसे का कारण बन जाती है. उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर कुछ ऐसा ही डरावना मंजर देखने को मिला, जब बीजेपी विधायक की तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर अचानक सड़क पर इस तरह फिसली कि देखकर किसी की भी सांसें थम जाएं. बारिश के बीच कंट्रोल खोती हुई गाड़ी लगभग 100 मीटर से भी ज्यादा दूर फिसलते हुए जाकर एक पोल से जा टकराई. इस हादसे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
लेकिन सवाल यह है कि आखिर बारिश होने के बाद कीचड़ न होने पर भी सड़क पर चलती हुई मजबूत गाड़ी अचानक कैसे फिसल जाती है? इसके पीछे छिपा है एक ऐसा तकनीकी खतरा, जिसके बारे में हर ड्राइवर को पता होना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं क्या है यह खतरनाक एक्वाप्लानिंग और क्यों यह चलती कार को पलभर में एक्सीडेंट का शिकार बना देता है. अभी इस हादसे की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. शुरुआती रिपोर्ट में टायर फटने की बात भी सामने आई है. ऐसे में वीडियो देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि हादसा एक्वाप्लानिंग की वजह से ही हुआ. लेकिन बारिश में इस खतरे को समझना कार चलाने वाले लोगों के लिए बहुत जरूरी है.
क्या होती है एक्वाप्लानिंग?
एक्वाप्लानिंग को हाइड्रोप्लानिंग भी कहते हैं. सरल शब्दों में समझें तो जब सड़क पर पानी जमा होता है और कार तेज रफ्तार में उस पानी के ऊपर से गुजरती है तो टायर और सड़क के बीच पानी की एक पतली परत बन सकती है. इस स्थिति में टायर का सड़क से संपर्क कम हो जाता है. कार को सड़क पर मिलने वाली पकड़ अचानक खत्म या फिर बहुत कमजोर हो जाती है. ऐसे में स्टीयरिंग घुमाने, ब्रेक लगाने या कार को किसी तरफ मोड़ने पर गाड़ी सही प्रतिक्रिया नहीं देती. कुछ सेकेंड के लिए ऐसा लग सकता है कि कार अपने आप फिसल रही है.
किन मौकों पर ज्यादा होता है खतरा?
एक्वाप्लानिंग का खतरा सबसे ज्यादा तब होता है जब सड़क पर ज्यादा पानी जमा हो और कार की रफ्तार तेज हो. हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यह स्थिति और खतरनाक हो सकती है क्योंकि यहां गाड़ियां आमतौर पर ज्यादा स्पीड में चलती हैं. दूसरी गाड़ियों के लिए भी अचानक ब्रेक लगाना आसान नहीं होता है. इसके साथ ही घिसे हुए टायर भी खतरा बढ़ा सकते हैं. टायर के ट्रेड यानी उसकी सतह पर बनी गहरी लाइनें पानी को बाहर निकालने में मदद करती हैं. जब ट्रेड काफी घिस जाता है तो पानी निकलने की क्षमता कम हो सकती है.
टायर में हवा का गलत प्रेशर, अचानक तेज बारिश और सड़क पर बने गड्ढों या पानी से भरे हिस्सों में तेज गति से जाना भी खतरे को और बढ़ा सकता है.
एक्वाप्लानिंग हो जाए तो क्या करें?
अगर कभी भी कार ड्राइव करते समय एक्वाप्लानिंग हो जाए तो घबराकर अचानक ब्रेक या स्टीयरिंग बिल्कुल न घुमाएं. अगर कार पानी पर फिसलने लगे तो एक्सीलेरेटर से पैर धीरे से हटा लें और कार को खुद स्थिर होने का मौका दें.
स्टीयरिंग को अचानक इधर उधर घुमाने की जगह पर जिस दिशा में कार जा रही है उसी दिशा में कंट्रोल करने का प्रयास करें. अचानक जोर से ब्रेक लगाने से भी कार का कंट्रोल खराब हो सकता है. कार की स्पीड कम होने और टायरों का सड़क से संपर्क वापस आने के बाद ही नार्मल तरीके से कंट्रोल करें.
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इस खतरे से बचने के लिए क्या करें?
सबसे आसान बचाव यही है कि बारिश में स्पीड कम रखें, आगे चल रही गाड़ी से ज्यादा दूरी बनाकर चलें और सड़क पर जमा पानी को हल्के में न लें. साथ ही समय समय पर टायरों की हालत और हवा का प्रेशर जरूर चेक कराएं. बारिश में सड़क सिर्फ गीली नहीं होती, उसका व्यवहार भी बदल जाता है. इसलिए कुछ सेकेंड की सावधानी कई बार बड़े हादसे से बचा सकती है.
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