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मिशिगन सीनेट चुनाव के नतीजे आ गए हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुल अल-सैयद अमेरिका के इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के माइक रोजर्स को पीछे छोड़ दिया है. अल-सैयद को 1,872,595 वोट मिले, जो कुल वोटों का 50.74 प्रतिशत है, जबकि रोजर्स को 1,745,183 वोट (47.29 प्रतिशत) मिले.
इस जीत के साथ, अल-सैयद अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी से 127,412 वोटों से आगे रहे. निर्दलीय उम्मीदवार क्रिस्टेंसन 38,341 वोटों (1.04 प्रतिशत) के साथ काफी पीछे तीसरे स्थान पर रहे. ध्यान देने वाली बात है कि अब्दुल अल-सैयद को डोनाल्ड ट्रंप ने जिहादी बताया था.
2018 में उन्होंने गवर्नर पद के लिए दावेदारी की थी, लेकिन डेमोक्रेटिक प्राइमरी में उन्हें ग्रेचेन व्हिटमर से हार का सामना करना पड़ा, जो बाद में गवर्नर चुनी गईं. इस बार उन्होंने प्रगतिशील नीतियों को अपनाया है, जिनमें 'मेडिकेयर फॉर ऑल'अहम है. यह एक ऐसी योजना है, जिसके तहत अमेरिका में सभी लोगों को सरकारी फंड से चलने वाली मेडिकल सर्विस मुहैया कराई जाएंगी.
अल-सैयद ने अपनी पत्नी के साउथ इंडियन फैमिली के साथ अपने जुड़ाव के बारे में खुलकर बात की है. एक इंटरव्यू में, उन्होंने मजाक में कहा था कि 20 साल की शादी ने उन्हें भारतीय संस्कृति से पूरी तरह रूबरू करा दिया है. उन्होंने कहा था, 'देखिए, मेरी शादी को एक दक्षिण भारतीय परिवार में 20 साल हो चुके हैं. अब मैं पूरी तरह से इसमें ढल चुका हूं. सच कहूं तो, शायद मैं अरब होने से कहीं ज्यादा भारतीय हूं.'
इस परिवार का पेशा खास तौर से मेडिकल और इंजीनियरिंग से जुड़ा रहा है, और परिवार के कई सदस्य इन्हीं फील्ड्स में काम करते हैं. अल-सैयद खुद एक डॉक्टर हैं और उन्होंने 'यूनिवर्सल हेल्थकेयर' को अपने चुनाव अभियान का मुख्य हिस्सा बनाया है.
उनकी पत्नी के परिवार ने पीढ़ियों से भारत के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखने की कोशिश की है. बताया जाता है कि डॉ. तैयब ने यह तय किया है कि उनके बच्चे अपनी विरासत से जुड़े रहें; इसके लिए वे उन्हें अमेरिका में बड़े होने के दौरान बेंगलुरु और भटकल ले जाते थे.
अल-सैयद की ओर से दी गई जानकारी में भी बेंगलुरु के साथ उनके परिवार के जुड़ाव का जिक्र है. डेमोक्रेटिक प्राइमरी से पहले जमा किए गए एक घोषणापत्र में, बेंगलुरु में सारा के मलिकाना हक वाली एक संपत्ति का जिक्र किया गया है.
कर्नाटक में रहने वाले उनके रिश्तेदार इस चुनाव अभियान पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि वे एक Whatsapp ग्रुप के जरिए लगातार अपडेट शेयर करते रहते हैं और इस जोड़े की राजनीतिक यात्रा को लेकर काफी खुश हैं.