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Iran Threat to US: ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने रविवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल की ओर से देश पर थोपा गया युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है और 'दुश्मन' को ईरानी सशस्त्र बलों के और 'कड़े प्रहार' झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए. समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, हातमी ने तेहरान में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में कहा, 'युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. हमलावर दुश्मन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन उसे ईरान के सशस्त्र बलों के और भी कड़े प्रहार झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए.'
उन्होंने क्षेत्रीय देशों से यह समझने की अपील की कि अमेरिका के साथ सहयोग उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा वहां के देशों को आपसी सहयोग से सुनिश्चित करनी चाहिए. इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की जिम्मेदारी संभालने वाली ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने जहाज मालिकों को 'कुछ चार्टरर्स' की ओर से जलमार्ग से गुजरने के लिए 'अवैध' रास्तों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किए जाने को लेकर चेतावनी दी है.
अथॉरिटी ने रविवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर कहा, 'PGSA को मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि कुछ चार्टरर्स जहाजों को अवैध रास्तों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर कर रहे हैं. इससे जहाज, उसके मालिक, मास्टर और चालक दल को आर्थिक नुकसान और जान का खतरा हो सकता है. साथ ही भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट से जहाज के आवागमन पर गंभीर प्रतिबंध लग सकता है.'
अथॉरिटी ने कहा, 'जहाज मालिकों को कुछ चार्टरर्स की ऐसी अवैध गतिविधियों से सावधान रहना चाहिए. अगर ये गतिविधियां साबित होती हैं तो चार्टरर्स को नॉन-कम्प्लायंस लिस्ट में शामिल किया जाएगा और उनके सभी जहाजों के होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.'
बताते चलें कि परमाणु बम बनाए जाने की आशंका का हवाला देकर इजरायल और अमेरिका ने इस साल 28 फरवरी को तेहरान समेत ईरान के विभिन्न शहरों पर संयुक्त हमले किए थे. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला बोला था. इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली थी.
बाद में अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने को लेकर 18 जून को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. एमओयू के तहत दोनों देशों को अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी. यह अवधि 17 अगस्त को समाप्त हो गई, लेकिन दोनों देशों के बीच हाल में बढ़े तनाव के बाद वार्ता का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है.
(एजेंसी आईएएनएस)