)
इजरायल में मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेहद कठिन परिस्थितियों में फंसे नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बार-बार अरब मतदाताओं के फोटो पोस्ट करके उन्हें वोटिंग के लिए बाहर निकलने की अपील की. अपने 'दक्षिणपंथी मतदाताओं' से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने घरों से बाहर निकलें और वोट डालने के लिए मतदान केंद्रों पर जाएं. उनकी इस अपील का विपक्षी दलों ने मजाक उड़ाया और लोगों से अपने विवेक के आधार पर वोट का आह्वान किया.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'बसें मतदान केंद्रों की ओर जा रही हैं. ऐसी खबरें हैं कि अरब समुदायों में लंबी कतारें लग गई हैं.' उन्होंने दक्षिणपंथी विचारधारा वाले लोगों को चेतावनी दी, 'अगर आप वोट डालने नहीं निकले, तो अरब पार्टियों के नेतृत्व वाली सरकार बन जाएगी.'
एक अन्य पोस्ट में नेतन्याहू ने कहा, 'अरब इलाकों में मतदान सामान्य से अधिक लग रहा है, जबकि इसके विपरीत, दक्षिणपंथी मतदाताओं के बीच मतदान कम है. अगर लोग अब भी घरों से बाहर नहीं निकले तो इजरायल गहरे संकट में फंस जाएगा.'
इजरायल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक माने जा रहे इस चुनाव में 1977 के बाद से सबसे ज्यादा मतदान हुआ है. वहां के स्थानीय समय के मुताबिक, दोपहर 2 बजे (भारतीय समयानुसार रात 7.30 बजे) तक करीब 45 प्रतिशत लोग वोटिंग कर चुके ते. शुरुआती सर्वे के अनुसार, इस चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली सेना के पूर्व प्रमुख गादी आइजेनकोट के बीच प्रधानमंत्री पद के लिए सीधी टक्कर नजर आ रही है. दोनों उम्मीदवार लगभग बराबरी की स्थिति में नजर आ रहे हैं.
हालांकि, अनुमान बता रहे हैं कि इन दोनों नेताओं के नेतृत्व वाले राजनीतिक गठबंधन संसद में सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें हासिल करने में विफल रह सकते हैं. ऐसे में सरकार बनने से पहले राजनीतिक जोड़-तोड़ और बातचीत का दौर हफ्तों या महीनों तक चल सकता है. यही वजह है कि इस चुनाव को काफी हद तक नेतन्याहू के शासन पर एक तरह का 'जनमत संग्रह' भी माना जा रहा है.
इस चुनाव में इजरायल के लोग नेतन्याहू की नीतियों को लेकर दो गुटों में बंटे नजर आए. एक गुट नेतन्याहू की इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कठोर नीतियों का समर्थक था. वहीं, दूसरा गुट उन्हें अक्तूबर 2024 में इजरायल पर हुए घातक आतंकी हमले में खुफिया चूक के लिए जिम्मेदार मानता है. इजरायल में रहने वाले अरब नागरिक पारंपरिक रूप से नेतन्याहू के खिलाफ ही दिखाई दिए.