समंदर में तेल का फर्जी खेल: ईरान की मदद करने के आरोप में US का एक्शन, भारत-तुर्किये की 9 कंपनियों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने भारत और तुर्किये से जुड़ी 9 कंपनियों पर बैन लगाया है. अमेरिकी वित्त विभाग का आरोप है कि ये कंपनियां ईरान सरकार को मदद पहुंचा रही हैं और फर्जी तरीके से ईरानी जहाजों को ट्रेड की मंजूरी दिला रही है. अमेरिका ने भारत की एक दंपती से जुड़ी कई फर्म पर बैन लगाया गया है.
US News: अमेरिका लगातार ईरान पर शिकंजा कस रहा है. इस बीच वाशिंगटन ने एक कड़ा और बड़ा एक्शन लिया है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय (ट्रेजरी विभाग) ने यह एक्शन ईरान की मदद करने वालों पर लिया है और एक नया प्रतिबंध लगाया. अमेरिका की ओर से ये नए प्रतिबंध भारत और तुर्किये से जुड़े कुछ लोगों और कंपनियों पर लगाए गए हैं. इसके साथ ही अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान की सरकार की मदद करने वाले किसी भी देश या व्यक्ति को किसी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा.
दरअसल, ट्रंप प्रशासन इस समय 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' पर काम कर रहा है. इस अभियान का असली उद्देश्य ईरान को तेल बेचने से रोकना है. इसी ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए अमेरिका लगातार एक्शन ले रहा है और कई लोगों और कंपनियों पर पहले ही बैन लगा चुका है. अमेरिका का दावा है कि ईरान तेल बेचकर, जो पैसे कमा रहा है उसका इस्तेमाल अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध में कर रहा है.
भारत से जुड़ी 9 फर्म पर एक्शन
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से लिए गए इस एक्शन में भारत में चल रहे एक बड़े नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया. अमेरिकी विभाग ने इसको एक आपराधिक नेटवर्क करार गिया है. दावा है कि इस नेटवर्क को सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद चला रहे थे. दोनों चंडीगढ़ के रहने वाले हैं.अमेरिका ने इसके अलावा सुनील शर्मा से जुड़ी 9 अन्य संस्थाओं पर भी बैन लगाया है.
फर्जीवाड़ा का लगा है आरोप
अमेरिका ने दावा किया है कि चंडीगढ़ के रहने वाले सुनील कुमार शर्मा और शाहिद बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े के खेल को अंजाम देते थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने गुयाना, इस्वातिनी और लाओस जैसे देशों का प्रतिनिधि होने का एक फेक दावा किया. इसी के आधार पर उन्होंने जहाजों को झंडे और सर्टिफिकेट भी जारी कर दिए.
अमेरिका का कहना है कि इसी फर्जीवाड़े से ईरान सीधा आर्थिक लाभ लेता रहा. फर्जी झंडों की मदद से ईरानी जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते रहे और तेल की सप्लाई जारी रही. सुनील कुमार शर्मा के नेटवर्क ने कई वेब डोमेन भी खरीदे. इस दौरान कई ऐसी वेबसाइट भी बनाई गईं, जो अलग-अलग देशों के नाम पर फर्जी सेवाएं देने का दावा करती थी.
अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था को बना रहा निशाना
गौरतलब है कि अमेरिकी वित्त विभाग ने पिछले हफ्ते ही दावा किया था कि उनकी कार्रवाईयों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरीके से चरमरा गई है. अमेरिका का दावा है कि राष्ट्रीय मुद्रा 'रियाल' गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. ईरान में महंगाई भी आसमान छू रही है, जिस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
तुर्किये की कंपनी पर भी अमेरिका का शिकंजा
न केवल भारत, बल्कि अमेरिका ने तुर्किये की एक कंपनी पर भी शिकंजा कसा है. तुर्किये की 'फ्यूगो ग्राउंड सर्विसेज इंक' पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं. आरोप है कि तुर्किये की यह कंपनी ईरान के विमानन (एविएशन) सेक्टर की मदद कर रही है. बता दें कि ईरान के एविएशन सेक्टर पर अमेरिका ने पहले ही प्रतिबंध लगा रखे हैं.
अमेरिका ने लिया सख्त एक्शन
अमेरिका में पिछले दिनों ही मध्यावधि चुनाव हुए हैं, जिसमें अमेरिकी संसद की दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स ने बड़ी जीत दर्ज की है. अमेरिका की संसद पर अब डेमोक्रेट्स का नियंत्र हो गया है. दावा किया जा रहा है कि चुनाव में अमेरिका की जनता ने ईरान युद्ध और देश में बढ़ रही महंगाई के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया. इस चुनावी नतीजों के ठीक एक दिन बाद ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इन नए प्रतिबंधों की घोषणा की है. (इनपुट- रॉयटर्स)
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