SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

अमेरिका में नौकरी पड़ेगी भारीः विदेशी छात्रों को चुकाने होंगे करीब ₹68 लाख, भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

ट्रंप प्रशासन के नए प्रस्ताव के मुताबिक, विदेशी छात्रों को नॉन-इमिग्रेंट छात्रों को आप्शनल प्रैक्टिस ट्रेनिंग (OPT) में शामिल होने के लिए 70 हजार डॉलर देने होंगे, जबकि इस रिन्यू कराने के लिए 30 हजार डॉलर का भुगतान करना होगा. इसके बाद ही उन्हें नौकरी करने की इजाजत मिल सकेगी.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 08, 2026, 02:32 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 02:37 PM IST
Image Credit: प्रतीकात्मक AI तस्वीर
Join

अमेरिका में पढ़ाई के साथ नौकरी करने की इच्छा रखने वाले विदेशी छात्रों को इसकी भारी-भरकम कीमत चुकानी पड़ेगी. दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने अब अमेरिका में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले विदेशी छात्रों से कम से कम 70 हजार अमेरिकी डॉलर वसूलने का प्रस्ताव रखा है. भारतीय करेंसी में यह कीमत करीब 68 लाख रुपये हो जाएगी. यह फीस 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) के लिए रखी गई है. इसके तहत विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में नौकरी करने की अनुमति मिलती है.

ट्रंप प्रशासन के इस प्रस्ताव के तहत, F-1 वीजा वाले नॉन-इमिग्रेंट छात्रों को आप्शनल प्रैक्टिस ट्रेनिंग (OPT) में शामिल होने के लिए 70 हजार डॉलर देने होंगे, जबकि इस रिन्यू कराने के लिए 30 हजार डॉलर का भुगतान करना होगा. OPT प्रोग्राम के जरिए विदेशी छात्रों को अमेरिका में काम करने का मौका मिलता है. टेक कंपनियां और अन्य अमेरिकी कंपनियां भी भारतीय छात्रों को खूब नौकरी दे रहे हैं. खास बात यह है कि यह रकम छात्र को नहीं, बल्कि उसके कॉलेज या यूनिवर्सिटी को अदा करनी होगी. कहा जा रहा है कि यह ट्रम्प प्रशासन की ओर से विदेशी वीजा होल्डर्स के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई का ही एक हिस्सा है. इससे भारतीय छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.

2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सबसे ज्यादा भारत के करीब 3.63 लाख पढ़ रहे थे. इनके बाद चीनी छात्रों की संख्या आती है. अब इतनी बड़ी फीस के कारण कॉलेजों और यूनिवर्सिटी पर विदेशी छात्रों को OPT की सुविधा देने का खर्च काफी बढ़ जाएगा. इससे अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई करना काफी महंगा हो जाएगा. वहीं, अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम वीजा में धोखाधड़ी और OTP प्रोग्राम के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया जा रहा है.

फिलहाल, ट्रंप प्रशासन अभी सिर्फ प्रस्ताव लेकर आई है. इस पर लोगों और संस्थानों को अपनी राय देने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है. इसके बाद सरकार इसे अंतिम रूप दे सकती है. दूसरी ओर, इस प्रस्ताव का विरोध भी देखने को मिल रहा है. टैलेंट मोबिलिटी फंड के डायरेक्टर डग रैंड का कहना है कि यह प्रस्तावित नियम अदालतों में टिक नहीं पाएगा. उनका कहना है कि इस नियम को भी ठीक उसी तरह रद्द किया जा सकता है, जैसे 1 लाख डॉलर की H-1B फीस और पाबंदी लगाने वाली दूसरी नीतियों को रद्द कर दिया गया था.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES