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चीन की गुहार को अमेरिका ने दिखाया ठेंगा, ताइवान को देगा 66 विध्वंसक विमानों का बेड़ा; ड्रैगन का चढ़ा पारा

चीन के कड़े विरोध और आपत्तियों को खारिज करते हुए अमेरिका ने ताइवान को 66 घातक लड़ाकू विमानों का बेड़ा सौंपने का फैसला किया है. अमेरिकी रक्षा सौदे से भड़के ड्रैगन और ताइवान के बीच बढ़े तनाव की पूरी खबर पढ़ें.

चीन की गुहार को अमेरिका ने दिखाया ठेंगा, ताइवान को देगा 66 विध्वंसक विमानों का बेड़ा; ड्रैगन का चढ़ा पारा
Image Credit: ताइवान को मिले 66 F-16V फाइटर जेट: चीन की गुहार को अमेरिका ने दिखाया ठेंगा, ड्रैगन का पारा हाई

अभी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अमेरिकी दौरे से लौटे 10 दिन भी नहीं बीते थे कि अमेरिका ने ताइवान को लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए. 9 दिनों पहले चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक में कहा कि अमेरिका को 'ताइवान की स्वतंत्रता' का समर्थन नहीं करना चाहिए और इस मुद्दे पर सतर्क रुख अपनाना चाहिए. इस बीच अमेरिका ने ताइवान को 66 F-16V फाइटर जेट्स की एक खेप देने को मंजूरी दे दी है. इस खबर के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का मिजाज तल्ख होना स्वाभाविक है.

अमेरिका में हुई बैठक के दौरान शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की आपूर्ति और संभावित पैकेज को लेकर चर्चा हुई, हालांकि इस बैठक में ताइवान नीति में किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की गई थी. इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि ताइवान का मुद्दा उनकी बातचीत का हिस्सा था, लेकिन दोनों देशों के बीच इस पर कोई नया नीतिगत समझौता सामने नहीं आया और अधिकांश कठिन मुद्दों को अनसुलझा छोड़ दिया गया था. इस बीच ताइवान को अमेरिका ने 2 F-16V फाइटर जेट भेज भी दिए.  

ये डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल की डील

ताइवान को अमेरिका से शुक्रवार को पहले दो F-16V लड़ाकू विमान मिल गए. चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच इन विमानों को ताइवान की हवाई सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.  ये दोनों विमान अमेरिका और ताइवान के बीच करीब 8 अरब डॉलर के समझौते का हिस्सा हैं. इस सौदे के तहत ताइवान को कुल 66 F-16V विमान मिलने हैं. इस डील को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में मंजूरी मिली थी और विमानों की डिलीवरी इसी साल होनी थी. दोनों F-16V विमानों ने ताइवान के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित ताइतुंग एयरबेस पर लैंड किया. इन्हें अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने तैयार किया है.

सितंबर में ही होनी थी डिलीवरी

इन विमानों के सितंबर की शुरुआत में ताइवान पहुंचने की उम्मीद थी. विमान हवाई और गुआम में ईंधन भरने के लिए रुके थे, लेकिन गुआम के लिए उड़ान भरने के कुछ समय बाद वे वापस हवाई लौट गए. इस देरी की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई थी. शुक्रवार को आखिरकार दोनों विमान ताइवान पहुंच गए. एयरबेस के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग विमान देखने के लिए जमा हुए थे. कई लोगों के हाथ में दूरबीन और लंबे लेंस वाले कैमरे थे.

रातभर सफर कर विमान देखने पहुंचे लोग

ताइचुंग के रहने वाले सेल्समैन किमी ची भी विमान की लैंडिंग देखने ताइतुंग पहुंचे. उन्होंने रातभर सफर किया ताकि इन नए लड़ाकू विमानों की तस्वीरें ले सकें. उन्होंने देरी को लेकर कहा कि अच्छी चीजों में समय लगता है. 37 वर्षीय किमी ची के मुताबिक नए विमानों से ताइवान की सैन्य क्षमता में सुधार होगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान के सामने सबसे बड़ी कमी पायलटों की है. उनका मानना है कि सैन्य पायलटों के लिए सरकार को बेहतर भत्ते और सुविधाएं देनी चाहिए.

चीन के खिलाफ रक्षा में अहम भूमिका

पूर्व एयरफोर्स कर्मी 57 वर्षीय एरिक चान ने कहा कि पिछले 30 साल में F-16 में काफी बदलाव आया है. उनके मुताबिक ताइतुंग में तैनात किए जाने वाले ये विमान चीन के खिलाफ ताइवान की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. ताइवान चीन को अपनी सुरक्षा के लिए लगातार चुनौती मानता रहा है. चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा बताता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की धमकी भी दे चुका है.

पुराने F-16 की तुलना में ज्यादा अपडेटेड

F-16V चौथी पीढ़ी का मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है. यह ताइवान के पुराने F-16 A/B विमानों का काफी उन्नत संस्करण है. इसमें बेहतर रडार, लड़ाकू प्रणालियां, निगरानी और इंजन से जुड़ी क्षमताएं शामिल हैं. ताइपे स्थित इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी रिसर्च के सैन्य विशेषज्ञ सु त्जु-युन के मुताबिक F-16V ताइवान की वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है.

सभी विमानों की डिलीवरी इसी साल मुश्किल

अमेरिका ताइवान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता और प्रमुख सुरक्षा सहयोगी है. हालांकि हथियारों की आपूर्ति में लगातार देरी की समस्या सामने आती रही है.ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू पहले ही कह चुके हैं कि लॉकहीड मार्टिन की उत्पादन क्षमता बढ़ने के बावजूद सभी 66 F-16V विमानों की डिलीवरी इस साल पूरी होना मुश्किल है. शुक्रवार को कू ने कहा कि कुछ और F-16V विमान साल खत्म होने से पहले ताइवान पहुंचेंगे. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस दौरान कितने विमान मिलेंगे. उन्होंने कहा कि फिलहाल विमान धीरे-धीरे उत्पादन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और कुछ विमानों के परीक्षण भी पूरे हो चुके हैं. डिलीवरी की तारीख को लेकर अमेरिका के साथ आगे बातचीत की जाएगी.

14 अरब डॉलर के हथियार सौदे पर भी नजर

इसी बीच ताइवान करीब 14 अरब डॉलर के एक अलग हथियार सौदे को लेकर अमेरिका के फैसले का इंतजार कर रहा है. इस पैकेज में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम समेत कई हथियार शामिल हैं. ट्रंप ने मई में इस सौदे को चीन के साथ बातचीत में एक महत्वपूर्ण सौदेबाजी का जरिया बताया था. इसके बाद ताइवान की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी थीं. विशेषज्ञों के मुताबिक दिसंबर में अमेरिका में होने वाले G20 सम्मेलन से पहले इस पैकेज को मंजूरी मिलने की संभावना कम बताई जा रही है. सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रंप की मुलाकात प्रस्तावित है. एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक 14 अरब डॉलर के पूरे पैकेज को एक साथ मंजूरी देने के बजाय इसे छोटे हिस्सों में बांटे जाने की संभावना बढ़ रही है, ताकि चीन की प्रतिक्रिया को सीमित रखा जा सके.

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Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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