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US News: अमेरिका की राजनीति में एक नया विवाद और हैरान करने वाला विवाद सामने आया है. अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के दिग्गज नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को घेरना शुरू कर दिया है. डेमोक्रेट्स के नेताओं का दावा है कि व्हाइट हाउस की नीतियां तय करने में एलन मस्क का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ग्रोक काफी भूमिकाएं निभा रहा है.
दरअसल, ये हलचल तब बढ़ी, जब शक जताया गया कि वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने वाले ऑपरेशन से पहले ग्रोक से सलाह ली गई थी. हालांकि, वास्तव में ग्रोक का इस्तेमाल किया गया था या नहीं इसको लेकर कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकती है. इसी साल जनवरी के महीने में अमेरिका ने वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था. अब डेमोक्रेटिक सांसद ट्रंप के एआई चैट को रिकॉर्ड रखने की मांग कर रहे हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स नेता ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक एक पत्र लिखकर एलन मस्क के ग्रोक समेत अन्य सभी एआई चैटबॉक्स के साथ की गई बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और उन्हें कभी नहीं नष्ट होने देने की अपील कर रहे हैं.
इस चिट्ठी में सांसदों की ओर से साफ मांग की गई है कि आधिकारिक काम के दौरान ट्रंप, उनके करीबी स्टाफ और सलाहकारों की ओर से एआई चैटबॉट में डाले गए सभी प्रॉम्प्ट्स और उसकी ओर से दिए गए सभी जवाबों की जानकारी सुरक्षित रखी जाए. इस पत्र में जिन एआई टूल्स का इस्तेमाल किया गया है, उनमें OpenAI का ChatGPT और एलन मस्क का ग्रोक समेत कई एआई चैटबॉट शामिल हैं.

डेमोक्रेट्स सांसदों की ओर से लिखे गए पत्र में बताया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ अहम कामों को पूरी करने के लिए चैटबॉट्स से सलाह मांगी थी. इसमें सबसे अहम मामला वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पकड़ने से संबंधित था, जिसमें ट्रंप ने पूछा था कि अगर निकोलस मादुरो को पकड़ लिया जाए, तो वहां के आम लोग क्या प्रतिक्रिया देंगे. इसके जवाब में ग्रोक ने कहा था कि राष्ट्रपति मादुरो एक 'बहुत ज्यादा नापसंद किए जाने वाले तानाशाह' हैं. वेनेजुएला के अधिकांश लोग उनके हटने से काफी जश्न मनाएंगे.
मैरीलैंड के प्रतिनिधि जेमी रस्किन और कैलिफोर्निया के प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति को लिखे पत्र पर 11 नवंबर की शाम 5 बजे तक इस मामले में पूरी रिपोर्ट भी मांगी है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को लेकर किए गए सवाल पर डेमोक्रेट नेताओं कड़ी आपत्ति जताई है. गार्सिया और रस्किन ने इसको बेहद चिंताजनक बताया है. इसके साथ ही दोनों सांसद इस बात की जांच भी कर रहे हैं कि क्या एआई चैटबॉट से मिले जवाब के आधार पर अमेरिकी सरकार ने अपनी कुछ नीतियां बनाने या सैन्य फैसले लिए हैं.

इसी महीने की शुरुआत में टाइम पत्रिका में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि ट्रंप ने एक बार ग्रोक से अपने राष्ट्रपति पद और अपनी राजनीतिक विरासत को लेकर भी सवाल कर चुके हैं. ठीक उसी समय वह उन नावों पर मिसाइल हमले का आदेश दे रहे थे, जिन पर उनका आरोप था कि वे अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं.
डेमोक्रेट्स के सांसदों की मांग पर व्हाइट हाउस का एक बयान भी सामने आया है, जिसमें कहा गया कि प्रशासन कानून के तहत जरूरी सभी रिकॉर्ड पहले से ही सुरक्षित रखता है. व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी रिकॉर्ड्स और डाक्यूमेंट्स हमेशा सुरक्षित रखे जाते हैं.
गौरतलब है कि यह पूरी जांच ऐसे समय पर हो रही है, जब अमेरिकी सरकार ने अपने आधिकारिक कामों में एआई ,टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रही है. इसी साल जुलाई के महीने में अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने सरकारी कामों के लिए एआई का इस्तेमाल बड़े स्तर पर करने का ऐलान किया है. हालांकि, इस दौरान कई नियम और शर्त रखे गए हैं.