US मिड टर्म चुनाव: भारतीय मूल के 30 उम्मीदवरों ने लहराई विजय पताका, 8 निर्विरोध जीते; लॉस एंजिलिस मेयर पद के लिए नित्या रमन आगे
अमेरिका में हुए हालिया मध्यावधि चुनाव में कई भारतीय-अमेरिकियों ने अपना डंका बजा दिया है. इस चुनाव में कम से कम 30 भारतीय मूल के उम्मीदारों को जीत मिली है. लॉस एंजिलिस में भी भारतवंशी का दबदबा देखने को मिला है.
अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के कई नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया है. चुनावी नतीजों के अनुसार, कम से कम 30 भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों ने अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में जीत का पताका लहराया है. सबसे खास बात है कि इस जीत के बाद मिशिगन और एरिजोना जैसे राज्यों में भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता राज्य की विधानसभाओं का नेतृत्व करने की अच्छी स्थिति में आ गए हैं.
दरअसल, भारतीय-अमेरिकी रंजीव पुरी ने मिशिगन में 24वें जिले से चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने लगभग 66 फीसदी वोट हासिल किया और अपनी सीट बचाए रखा. उनकी यह जीत इसलिए अहम हो जाती है, क्योंकि राज्य विधानसभा में डेमोक्रेटिक पार्टी को एक बार फिर बहुमत मिला है. इस जीत पर रंजीव पुरी ने कहा कि मिशिगन की जनता ने अपना फैसला दे दिया.
कुछ इसी तरीके से एरिजोना में भी सीनेट की अल्पसंख्यक नेका प्रिया सुंदरेशन ने 18वें जिले से करीब 66 फीसदी वोट हासिल किया और दोबारा जीत दर्ज की. आपको यहां जानना चाहिए कि एरिजोना में लगभग 1960 के दशक के बाद पहली बार डेमोक्रेटिक पार्टी को राज्य के दोनों सदनों में जीत मिली है. माना जा रहा है कि इस जीत के बाद प्रिया भविष्य में सीनेट के अध्यक्ष पद की दावेदारी भी कर सकती हैं.
लॉस एंजिलिस में भी भारतवंशी का दबदबा
समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, लॉस एंजिलिस के मेयर पद के चुनाव में भी भारतीय मूल की नित्या रमन ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. खबर लिखे जाने तक हुई वोटों की गिनती में नित्या रमन को करीब 52 प्रतिशत वो मिला है, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी और मौजूदा मेयर करेन बैस 48 फीसदी वोट मिला है. करीब 27,000 वोटों से नित्या आगे चल रही हैं. उधर, लॉस एंजिलिस में ही सिटी अटॉर्नी के पद पर मारिसा रॉय ने भी अपनी प्रतिद्वंदी जॉन मैककिनी को हराकर 66 प्रतिशत वोटों के साथ जीत हासिल की.
जॉर्जिया और टेक्सास में लिख गया इतिहास
इस मध्यावधि चुनाव में जॉर्जिया और टेक्सास में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत भी किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं है. बता दें कि जॉर्जिया के 97वें हाउस जिले से ज्योत सिंह ने 68 प्रतिशत वोट पाकर धमारेदार जीत दर्ज की है. सबसे खास बात है कि ज्योत सिंह जॉर्जिया राज्य विधानसभा में चुने जाने वाले पहले भारतीय अमेरिकी बन कर उभरे हैं.
ठीक इसी तरीके से टेक्सास में पूजा सेठी ने 47वें हाउस जिले से शानदार जीत हासिल की है. सबसे खास बात है कि सेठी टेक्सास विधानसभा के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी और पहली एशियाई- अमेरिकी डेमोक्रेटिक महिला हैं.
इन भारतीय-अमेरिकियों ने भी अपने नाम दर्ज की जीत
भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों ने कई सीटों पर अपनी पार्टी (डेमोक्रेट्स) को मजबूत किया है. इलिनोइस में नबीला सैयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्बी हिल्स को शिकस्त दी है. वहीं, न्यूयॉर्क में लीसा कौल ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया. इसके अलावा इंडियाना में रंजन रोहतगी ने जीत दर्ज करने के साथ स्थानीय परिषद में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाई है.
उधर, इलिनोइस ने राम विलिवालम और सबा हैदर ने भारी मतों से जीत दर्ज की है. सबसे खास बात है कि केविन ओलिकल निर्विरोध चुने गए. चुनावी नतीजों के अनुसार, नॉर्थ कैरोलिना से जय चौधरी, पेंसिल्वेनिया से अरविंद वेंकट, ओहायो से अनीता सोमानी, न्यूयॉर्क से जेरेमी कूनी और कैलिफोर्निया से ऐश कालरा जैसे कई चेहरों ने इस चुनाव में जीत दर्ज की है.
निर्विरोध जीते कई प्रत्याशी
मध्यावधि चुनाव में कई ऐसे भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी रहे, जिन्होंने बिना चुनाव लड़े ही निर्विरोध जीत हासिल कर ली. इनमें मेगन श्रीनिवास (आयोवा), नीमा कुलकर्णी (केंटकी), और वंदना स्लैटर (वॉशिंगटन) जैसे नाम शामिल हैं.
इन रिपब्लिकन नेताओं ने अपने नाम दर्ज की जीत
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन को करारी हार का सामना करना पड़ा. बावजूद इसके कई ऐसे भारतीय- अमेरिकी नेता रहे, जिन्होंने जीत दर्ज की है और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को हराया है. टेनेसी से साबी डॉक कुमार (66% वोट) और न्यूयॉर्क से अनिल बीफन (54% वोट) ने डेमोक्रेट्स को हराकर जीत अपने नाम की है.
इसके अलावा अगर पूरे अमेरिका में बड़े पदों पर बात करें, तो मैरीलैंड में अरुणा मिलर ने उप-राज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) के पद पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है. दूसरी तरफ विस्कॉन्सिन में भारतीय मूल के जोश कौल ने जीत हासिल की है. वह तीसरी बार अटॉर्नी जनरल बनेंगे.
आंकड़े क्या कहते हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव मैदान में उतरे 41 प्रमुख भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों में से 30 प्रत्याशियों ने जीत अपने नाम की है. सबसे खास बात है कि जीतने वाले इन 30 उम्मीदवारों में 15 महिलाएं हैं.
सबसे खास बात है कि जो भी भारतीय मूल के प्रत्याशी अपनी सीट से दूसरी बार मैदान मे थे, वह अपनी दावेदारी बचाने में सफल रहे. 30 में से कम से कम 8 प्रत्याशियों ने निर्विरोध जीत हासिल की. कुल मिलाकर अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने स्थानीय स्तर पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है. (इनपुट- आईएएनएस)
यह भी पढ़ें: समंदर में तेल का फर्जी खेल: ईरान की मदद करने के आरोप में US का एक्शन, भारत-तुर्किये की 9 कंपनियों पर प्रतिबंध
यह भी पढ़ें: ट्रंप-वेंस में दरार! मिडटर्म में हार से हिला रिपब्लिकन दरबार, क्या हेगसेथ पर फूटेगा हार का ठीकरा?