UK News: ब्रिटेन में एक साइबर ठग को ढाई साल की जेल की सजा सुनाई गई है. शख्स की पहचान अजय शिंजिन के तौर पर हुई है, जिसको एजे मार्ले क्रूज के नाम से भी जाना जाता है. सिम-स्वैपिंग फ्रॉड के मामले में शख्स को ये सजा सुनाई गई है. पूरा मामला साल 2021 का है, जब आरोपी ने करीब 2.5 करोड़ रुपये (2 लाख पाउंड) की क्रिप्टोकरेंसी चुराने में अपराधियों की मदद की थी.
बताया जाता है कि इस चोरी के दौरान अजय को अपने हिस्से के करीब 56 लाख रुपये (44 हजार पाउंड) मिले थे. अजय ने इन पैसों का इस्तेमाल अपने ऐशो-आराम के लिए किया और फ्री में कमाए इन पैसों को पानी के जैसे बहाया. सिटी ऑफ लंदन पुलिस की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि इन पैसों से आरोपी ने दुबई में लग्जरी छुट्टियों का आनंद लिया. इसके अलावा लंदन के पॉश इलाके कैनेरी व्हार्फ में एक महंगा फ्लैट लिया. इतना ही नहीं, आरोपी ने सोने के दांत (गोल्ड ग्रिल्स) भी बनवाए.
अजय को इनर लंदन कोर्ट ने गुरुवार (8 अक्टूबर) को सजा सुनाई. उसको ढाई साल के लिए जेल भेजा गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले आरोपी ने 28 सितंबर 2026 को कोर्ट के सामने अपना जुर्म कबूल किया था. अजय ने माना था कि उसने धोखाधड़ी की साजिश खुद की और अवैध पैसों को अपने नाम पर ट्रांसफर किया.
बता दें कि पूरा मामला साल 2021 का है. उस वक्त ब्रिटेन में बीटी नाम की एक टेलीकॉम कंपनी ने अपने सिस्टम में कुछ संदिग्ध गतिविधों को कैद किया था. जांच के दौरान पाया गया कि ग्राहकों के फोन नंबर दूसरे सिम कार्ड पर ट्रांसफर किए जा रहे हैं. हैरान करने वाली बात ये थी कि ये सिम कार्ड पूरी तरीके से अपराधियों के कंट्रोल में थे. इस फ्रॉड को सिम-स्वैपिंग के नाम से जाना जाता है.
A SIM-swap fraudster who spent stolen crypto cash on gold teeth grills and luxury holidays has been jailed for two and a half years. Ajay Shinjin, 25, of Marsh Wall, Canary Wharf, helped to steal almost £200,000 worth of cryptocurrency. Read more ➡️ https://t.co/5958kivkI8 https://t.co/mev7uF6rA0
— City of London Police (@CityPolice) October 8, 2026
दरअसल, सिम स्वैपिंग एक प्रकार का ऑनलाइन फ्रॉड है, जब किसी शक्स का फोन नंबर अपने सिम या डिवाइस में चालू करा लिया जाता है. नंबर पर कंट्रोल के बाद उसपर आने वाले सभी मैसेज अपराधियों (साइबर फ्रॉड्स) के पास पहुंचने लगते है, जिससे वह आसानी से ओटीपी तक पहुंच बना लेते हैं. इन ओटीपी की मदद से ये अपराधी बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते हैं.
बताया जाता है कि साल 2021 के नवंबर में बीटी कंपनी ने कुछ ऐसे डिवाइस के बारे में पता लगाया, जिसपर कई नंबर ट्रांसफर हुए थे. कंपनी ने पाया कि ये ई-सिम वाले डिवाइस थे और इनमें दो आईएमईआई नंबर थे. कंपनी के डेटा से पुलिस अजय तक पहुंची, जिसके पास से कुल चार ऐसे डिवाइस मिले.
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि इस फ्रॉड के कई लोग शिकार हुए हैं. 2 नवंबर 2021 को एक व्यक्ति के खाते से 40,000 पाउंड की रकम उड़ाई गई, इसमें से 27,000 पाउंड अजय के क्रिप्टो अकाउंट में ट्रांसफर किया गया. वहीं, दूसरे पीड़ित 17,000 पाउंड 5 से 7 नवंबर के बीच चुराए गए. बताया गया कि यह पूरी रकम भी अजय के वॉलेट में गई थी. इसके बाद नवंबर में ही एक कॉइनबेस अकाउंट से 8,000 पाउंड निकाले गए. ऐसे की कई फ्रॉड की लिस्ट सामने आई है.
गौर करने वाली बात है कि अजय को पहली बार साल 2021 में उसके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद नए सबूत सामने आने के बाद अक्टूबर 2023 में उसको दोबारा गिरफ्तार किया गया. उस वक्त वह दुबई से छुट्टिया मनाकर आ रहा था. इसी दौरान उसको पुलिस ने हीथ्रो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था.
सिटी ऑफ लंदन पुलिस के डिटेक्टिव कांस्टेबल साइमन आर्डमैन का बयान भी इस मामले में सामने आया है. उन्होंने इस अपराध को सोची-समझी धोखाधड़ी करार दिया है. पुलिस का कहना है कि सिम-स्वैप तकनीक का गलत इस्तेमाल करके अजय ने कई खातों में सेंध लगाई. उन्होंने कहा कि सिम-स्वैप फ्रॉड बहुत तेजी से बढ़ रहा है.