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'आपके कहने पर बीवी न आए तो पीटो...', ब्रिटेन के इमाम ने मर्दों को दी भयानक सलाह, लोगों ने कहा-इनको जल्‍दी करो अरेस्‍ट

ब्रिटेन के एक इमाम का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पुरुषों को अपनी पत्नियों पर हाथ उठाने की वकालत कर रहे हैं. उनके इस सलाह पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ब्रिटेन से आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान किया है.

'आपके कहने पर बीवी न आए तो पीटो...', ब्रिटेन के इमाम ने मर्दों को दी भयानक सलाह, लोगों ने कहा-इनको जल्‍दी करो अरेस्‍ट
Image Credit: इमाम के बयान ने मचाई खलबली. फोटो- सोशल मीडिया

एक जमाने में ब्रिटेन को सबसे सभ्य देशों की श्रेणी में सबसे ऊपर रखा जाता था. हालांकि, अब ब्रिटेन से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही है, जिसने लोगों को हैरान किया. हाल में ही एक इमाम का वीडियो सामने आया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. बहुत सारे अपने अनुयायियों के सामने सफेद कपड़े पहनकर बैठे इमाम ने पुरुषों को एक खास सलाह दी है. इमाम ने पुरुषों से कहा कि अगर उनकी पत्नियां ‘बिस्तर पर साथ आने' से मना करें, तो वे उन्हें मारें. इस संदेश पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं.

सबसे खास बात है कि इमाम ने यहां तक कहा कि वह पतियों से यह गुजारिश करते हैं कि कभी भी पत्नियों की ओर से उनकी बात न मानने को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए, इससे इतर उन्हें शारीरिक रूप से अनुशासित किया जाना चाहिए. हैरान करने वाली बात है कि इमाम ने इस मारपीट को घरेलू हिंसा की जगह पत्नियों को अनुशासित करने से जोड़ा है. इस इमाम का नाम यासीन मुन्ये है, जो ब्रिटेन के रहने वाले हैं.  

यासीन मुन्ये के बारे में जानिए

रिपोर्ट्स के अनुसार, इमाम यासीन मुन्ये पूर्वी लंदन की एक धार्मिक चैरिटी,'हैक्नी इस्लामिक कम्युनिटी सेंटर' से ताल्लुकात रखते हैं. उन्होंने धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए घरेलू हिंसा की कुछ अहम वजहों पर प्रकाश डाला. मुन्ये ने दावा किया कि 'पति के बिस्तर पर बुलाने पर उसकी बात न मानना' घरेलू हिंसा की अहम वजहों में से एक है. उनके इस वीडियो पर ब्रिटेन के साथ अन्य देशों के लोगों ने भी हैरानी जताई. ब्रिटेन की मीडिया भी इस बयान से चकित रह गई.

इमाम के बयान पर छिड़ी बहस

इमाम के इस बयान के सामने आने के बाद नई बहस छिड़ गई है कि शिकायत बाद भी कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया. बताया जाता है कि सऊदी अरब में ट्रेनिंग लेने वाले मुन्ये का ये बयान पिछले हफ्ते का है. इस बयान के बाद चैरिटी कमीशन ने उनकी शिकायत मस्जिद में की, लेकिन इसपर कोई प्रशासनिक विरोध की आवाज नहीं सुनाई दी. वहीं, मेट पुलिस की ओर से केवल इतना ही कहा गया कि वह हैक्नी मस्जिद के खिलाफ मिली शिकायत की जांच कर रही है. हालांकि, लोगों का मानना है कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ एक्शन होना चाहिए. 

रिपोर्ट में क्या आया सामने?

इस बीच 'द मेल ऑन संडे' ने एक एक रिपोर्ट में दावा किया है कि मुन्ये का मामला कोई अकेला नहीं है. देशभर के मुस्लिम पतियों को इसी तरीके की बुरी और महिलाओं के प्रति नफरत की सलाह दी जाती है. ऐसे कई वीडियो पहले भी सामने आए हैं. इस कारण आधुनिक ब्रिटेन में शरिया कानून के बढ़ते साये को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है.

बता दें कि डेली मेल की ही एक रिपोर्ट में सामाजिक एकीकरण के विशेषज्ञ और लेखक रकीब एहसान के हवाले से कहा गया कि ब्रिटेन के बहु-सांस्कृतिक मॉडल ने इन अलग-थलग समुदायों की महिलाओं को निराश करने का काम किया है. हल्की पुलिसिंग के कारण सरकार उन शहरों से आंखें मूंद ली है, जो अपनी जाति या समुदाय तक सीमित हैं. ऐसी जगहों पर सोच भी काफी पुरानी और दकियानूसी है.

इसके अलावा घरेलू हिंसा के खिलाफ काम करने वाली एक संस्था जीना इंटरनेशनल की ओर से कहा गया कि मुन्ये की बातें कुछ एशियाई समुदायों में इस सोच को बढ़ावा दे रही हैं कि शादी के अंदर रेप नहीं हो सकता है. वहीं, इस सस्था की फाउंडर रानी बुल्खु का कहना है कि ये उपदेशक महिलाओं पर जबरदस्ती नियंत्रण रखने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं.

पहले भी आए कई मामले

अखबार की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि कई ऐसे इमाम हैं, जिन्होंने साल 2026 में कई आपत्तिजनक पोस्ट की है, जिससे पुरानी और दकियानूसी सोच का पता चलता है. किसी वीडियो में परफ्यूम लगाकर बाहर जा रही महिलाओं को व्यभिचारी करार दिया है, तो किसी ने अबू साद मुहम्मद ने कहा कि इस देश की दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई' यह है कि पत्नियों को पतियों के खिलाफ कर दिया गया है और पत्नियां 'जानती हैं कि अगर उन्हें एक थप्पड़ मारा जाए, तो वे पुलिस को बुला लेंगी'. सामने आई रिपोर्ट और इस वीडियो ने दुनिया को हैरान किया है.

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About the Author

abhinav tripathi

abhinav tripathi

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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