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पाकिस्तान और बांग्लादेश को UAE का बड़ा झटका: एक फैसले में छीन ली हजारों नौकरियां! वीजा भी किया रद्द

UAE Visa Crisis: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों के लिए वीजा नियमों को कड़ा करते हुए बड़ा झटका दिया है. जानिए नौकरियों के निलंबन और वीजा रद्दीकरण के इस फैसले का दोनों देशों के कामगारों पर क्या असर पड़ेगा.

Written ByRavindra Pratap Singh
Published: Sep 17, 2026, 03:28 PM IST|Updated: Sep 17, 2026, 03:41 PM IST
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पाकिस्तान और बांग्लादेश को UAE का बड़ा झटका: एक फैसले में छीन ली हजारों नौकरियां! वीजा भी किया रद्द
Image Credit: यूएई में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों पर गिरी गाज, हजारों के वीजा निरस्त; मच गया है हाहाकार.

About the Author

    Ravindra Pratap Singh

    Ravindra Pratap Singh

    रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बिना कोई कारण बताए अचानक से लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिकों का वीजा कैंसिल कर दिया है. इस फैसले के बाद करीब 4,800 लोग अपने ही देश में फंस गए हैं और काम पर वापस नहीं लौट पा रहे हैं. कई लोगों का वहां जमा-जमाया कारोबार है, तो किसी का पूरा परिवार वहीं रहता है. सबसे हैरानी की बात यह है कि यूएई प्रशासन ने न तो पहले से कोई चेतावनी दी और न ही वीजा रद्द करने की कोई वजह बताई. सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के भी कई लोगों के वीजा इसी तरह रद्द किए गए हैं.

    प्रभावित बांग्लादेशी नागरिकों का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई की कोई भनक तक नहीं थी. यूएई प्रशासन की तरफ से न तो कोई पूर्व चेतावनी दी गई और न ही वीजा रद्द करने से पहले कोई स्पष्टीकरण मांगा गया. इनमें से कई लोगों के परिवार और बिजनेस यूएई में ही हैं, जिससे उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. यूएई में करीब 12 लाख बांग्लादेश के लोग रहते और वहां अपनी कमाई करते हैं. यूएई में भारत और पाकिस्तान के नागरिकों के बाद तीसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है.  इनमें ज्यादातर लोग कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टरों में काम करते हैं.

    अरबों डॉलर की कमाई और अचानक आया संकट

    यूएई बांग्लादेश के लिए विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा जरिया रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2023-24 में ही वहां काम कर रहे बांग्लादेशी प्रवासियों ने करीब 3.65 अरब डॉलर अपने घर भेजे थे, जो पिछले साल से आधे से भी ज्यादा है. वहां करीब 12 लाख बांग्लादेशी रहते हैं जो ज्यादातर कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टरों में काम करते हैं. इन मजदूरों ने एजेंटों को भारी भरकम फीस देकर और कर्ज लेकर वीजा लिया था. अब जब नौकरियां हाथ से निकल गई हैं, तो कर्ज चुकाना और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है.

    वजह भी नहीं बताई और मेल भेजकर कर दिया वीजा रद्द

    यूएई में पिछले 27 सालों से काम कर रहे अबुल कलाम आजाद ने मीडिया से अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वे 7 अप्रैल को बांग्लादेश लौटे थे. 24 जुलाई को उन्हें अचानक एक ई-मेल मिला जिसमें उनका वीजा कैंसिल होने की बात लिखी थी. इस मेल में वीजा कैंसिल होने की कोई वजह नहीं बताई गई थी. इसके बाद जुलाई से लेकर अब तक सैकड़ों लोगों को ऐसे ही मैसेज और ई-मेल मिले हैं जिसमें उनका वीजा रद्द कर देने की बात का संदेश दिया है.

    तारिक सरकार से लगाई गुहार

    इस परेशानी को लेकर हाल ही में ढाका में 350 से ज्यादा प्रभावित लोगों ने मिलकर एक बैठक की. इन लोगों ने बांग्लादेश की तारिक सरकार से मांग की है कि वो यूएई प्रशासन से इस मामले को लेकर बात करें और इस गंभीर मसले को सुलझाए. इसके साथ ही, जब तक कोई रास्ता नहीं निकलता, तब तक सरकार उन्हें हर महीने 15 से 20 हजार टका की आर्थिक मदद दे. बांग्लादेश सरकार ने भी इस मामले को यूएई के सामने उठाया है और फैसले पर फिर से विचार करने की फिर से अपील की है.

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    Bangladesh News