Watch: नेपाल में बड़ा हादसा, माउंट एवरेस्ट बेस कैंप में दो हेलिकॉप्टर्स टकराए, 1 की मौत; मची अफरा-तफरी
मंगलवार को नेपाल के माउंट एवरेस्ट इलाके में दो हेलिकॉप्टर्स आपस में टकरा गए. इस घटना में एक शख्स की मौत हो गई और एक शख्स घायल हो गया. पुलिस हादसे के कारण की जांच करने में जुट गई है.
नेपाल के माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर मंगलवार को दो हेलिकॉप्टर्स आपस में टकरा गए, जिसमें एक विदेशी नागरिक की मौत हो गई. जिस वक्त यह हादसा हुआ, तब वहां काफी ज्यादा पर्वतारोही मौजूद थे. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, सोलुखुम्बु जिले की खुम्बु पासांग ल्हामु ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 4 स्थित फेरिचे में लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर्स के आपस में टकरा जाने से एक विदेशी नागरिक की मौत हो गई और एक अन्य यात्री घायल हो गया. जिला पुलिस कार्यालय के मुताबिक, एयर डायनेस्टी और फिशटेल एयर के ये हेलीकॉप्टर सुबह करीब 8:11 बजे हादसे का शिकार हो गए.
पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर मौसम तमांग ने बताया कि मारे गए विदेशी नागरिक की पहचान अभी नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा कि इस हादसे में एक यात्री घायल हुआ है. फिशटेल एयर के हेलिकॉप्टर को कैप्टन प्रज्वल केसी उड़ा रहे थे, जबकि एयर डायनेस्टी के हेलिकॉप्टर की कमान कैप्टन रबिंद्र प्रजापति के पास थी, जो इस हादसे में घायल भी हो गए.
घायल शख्स का चल रहा इलाज
पुलिस ने बताया कि घायल यात्री को शुरुआती इलाज के लिए प्रभु एयर के एक हेलिकॉप्टर से लुक्ला ले जाया गया है. घायल व्यक्ति की स्थिति, और साथ ही दोनों हेलिकॉप्टर्स में सवार अन्य यात्रियों और क्रू मेंबर्स के सदस्यों के बारे में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.
हिमालयी क्षेत्र फेरिचे में हुए इस हादसे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने कहा कि वे और जानकारी जुटा रहे हैं और घटना की जांच कर रहे हैं.
इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें बर्फीली वादियों के बीच कई सारे पर्वतारोही खड़े नजर आ रहे हैं. तभी एक ओर से एक हेलिकॉप्टर आता है और दूसरी ओर से दूसरा. तभी लैंडिंग करने की कोशिश के दौरान दोनों आपस में टकरा जाते हैं. यह देखकर वहां खड़े पर्वतारोहियों में हड़कंप मच जाता है और वे जान बचाकर भागने लगते हैं. नेपाल में पर्यटकों, पर्वतारोहियों और जरूरी सामान को लाने-ले जाने के अलावा आपातकालीन स्थितियों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए छोटे हेलिकॉप्टर्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. देश के कठिन भौगोलिक हालात और तेजी से बदलते मौसम के कारण यहां हवाई उड़ानें काफी जोखिम भरी हो जाती हैं.