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'अगर ईरान का हाथ हुआ तो...', इजरायल जा रहे विमान को क्रैश करने की साजिश पर ट्रंप की खुली चेतावनी

इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई विमान को क्रैश करने की साजिश पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि यदि जांच में ईरान का हाथ सामने आया तो उस पर बहुत जोरदार कार्रवाई की जाएगी.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 02, 2026, 04:16 PM IST | Updated: Oct 02, 2026, 06:43 PM IST
Image Credit: 'अगर ईरान का हाथ हुआ तो...' विमान क्रैश करने की साजिश पर ट्रंप का बड़ा दावा, मिडिल ईस्ट में फिर मचेगा गदर?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उस उड़ान पर भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हुए हमले का कोई भी कनेक्शन ईरान से से मिला तो तेहरान के खिलाफ अमेरिका ऐसी कार्रवाई करेगा जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं होगी. यह विमान 174 यात्रियों को लेकर संयुक्त अरब अमीरात से तेल अवीव जा रहा था. घटना के दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा. यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप कर हमलावर को काबू किया और विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें को-पायलट और ईरान के बीच किसी संभावित संबंध की जानकारी दी गई है. ट्रंप ने कहा, 'हम अभी इस पर काम कर रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा कि उन्हें जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर जवाब हां हो सकता है, लेकिन जांच अभी जारी है. ट्रंप ने यह नहीं बताया कि उन्हें ईरान की संभावित भूमिका पर संदेह क्यों है. जब उनसे पूछा गया कि अगर हमले के पीछे तेहरान का हाथ पाया गया तो क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा, उन्होंने कहा कि ईरान को 'बहुत  बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा.'

ईरान के साथ बातचीत भी अटकी

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें आगे बढ़ती नजर नहीं आ रही हैं. ईरानी अधिकारियों ने बुधवार को कहा था कि उन्हें युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर अमेरिका का आधिकारिक जवाब मिल गया है. कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया था. हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि अमेरिकी जवाब में क्या कहा गया है. ट्रंप ने गुरुवार को प्रकाशित टाइम मैगजीन के इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान की ऐसी किसी पेशकश को स्वीकार नहीं करेंगे, जिसे वह एक साल पहले भी मंजूर नहीं करते. उन्होंने 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी चुनाव के बाद दोबारा बमबारी शुरू करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया.

मिडिल ईस्ट में बढ़ रही अमेरिकी सैन्य मौजूदगी

इसी बीच अमेरिका ने करीब 9,000 सैनिकों को जहाजों के एक समूह के साथ मिडिल ईस्ट भेजा है. एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, अक्टूबर के आखिर तक क्षेत्र में तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हो सकते हैं. संवेदनशील सैन्य अभियान से जुड़ी जानकारी होने के कारण अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं किया. ट्रंप के सार्वजनिक तौर पर ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने के बावजूद मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिश में जुटे हैं. इस कोशिश का एक अहम लक्ष्य युद्ध खत्म करने के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना भी है.

यात्रियों ने बताया कैसे बचा विमान?

विमान में सवार यात्रियों के मुताबिक, हमले के बाद भारतीय कप्तान खून से लथपथ हालत में कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इसके बाद कुछ यात्रियों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को काबू किया. विमान इतनी तेजी से नीचे जा रहा था कि उसका रडर तक टूट गया था. हमले के दौरान विमान में सवार यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया. यात्रियों में शामिल असफ राजुआन ने कहा कि उस समय उन्हें खुद को बेहद असहाय महसूस हो रहा था. उनके मुताबिक, उस स्थिति में हर किसी ने सिर्फ जिंदा बचने की कोशिश की.

हमलावर ओमान का नागरिक

जांच से जुड़े एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध ओमान का नागरिक है और उसे हिरासत में ले लिया गया है. सऊदी अधिकारियों ने बाद में उसे संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया. जांच में सऊदी अरब के साथ इजरायल, अमेरिका, ओमान और यूएई के अधिकारी भी शामिल हैं. जांचकर्ता हमले के पीछे की वजह पता करने में जुटे हैं. अधिकारी ने कहा कि आतंकवाद से लेकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी संभावनाओं तक सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है.

नेतन्याहू ने लगाए कट्टरपंथी विचारधारा के आरोप

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि संदिग्ध को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी कैसे मिली. जब उनसे पूछा गया कि संदिग्ध को कट्टरपंथी बनाने में किसकी भूमिका थी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. एपी के सवाल पर नेतन्याहू के कार्यालय ने इस दावे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. नेतन्याहू ने यह भी कहा कि संदिग्ध संभवतः इजरायल के विमानन नियमों में मौजूद एक लूपहोल के जरिए इजरायल जाने वाली उड़ान में शामिल हुआ. इन नियमों के तहत आम तौर पर उन देशों के पायलटों को इजरायल जाने की अनुमति नहीं होती, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं. ओमान भी ऐसे देशों में शामिल है.

कप्तान स्मित मच्छार अबू धाबी में भर्ती

को-पायलट की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. विमान के अंदर बनाए गए एक वीडियो में उसे घुटनों के बल बैठे और हाथ पीछे की ओर बंधे हुए देखा जा सकता है. भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को इस घटना के दौरान यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने के लिए सराहा गया है. भारतीय सरकार के मुताबिक, वह अबू धाबी में इलाज के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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