फ्लाईदुबई फ्लाइट पर हमले की कोशिश में ईरान का हाथ? ट्रंप ने किया दावा; जेडी वेंस ने साधी चुप्पी
Trump On Flydubai Incident: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शक जताया है कि 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट में हुई आतंकी घटना के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है. हालांकि, उपराष्ट्रपति ने इसपर चुप्पी साधते हुए कहा कि वह इंटेलिजेंस पर अधिक भरोसा करेंगे.
Flydubai Incident: दुबई से इजरायल जा रही 'फ्लाईदुबई' की एक फ्लाइट में बीते दिनों हमले की कोशिश की गई थी. इस दौरान भारतीय पायलट स्मिट मच्छार की हिम्मत और इजरायली यात्रियों के हौसले ने विमान को एक बड़े आतंकी हमले से बचाया था. इसको लेकर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ था. हालांकि, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं देखा है, जो इस घटना को सीधे तेहरान से जोड़ता हो.
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या फ्लाईदुबई से जुड़ी इस आतंकी घटना के लिए ईरान जिम्मेदार था, तो उन्होंने कहा,' हां, मुझे ऐसा लगता है. व्यक्तिगत तौर पर मैं यही मानता हूं.' हालांकि, ट्रंप ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया. वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसके जवाब में कहा कि वह CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट की राय पर ज्यादा भरोसा करेंगे.
वेंस ने टिप्पणी से किया मना
वेंस ने कहा,' मैं इस मामले में किसी आधिकारिक घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहता. हम निश्चित रूप से इसकी जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक मैंने ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं देखा है, जिससे किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके.' वेंस ने कहा कि इस घटना के बाद अमेरिका में विदेशी पायलटों से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा,' हम अमेरिका में अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन लोगों से उड़ान की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, उन्हें विमान उड़ाने की जिम्मेदारी न मिले.'
ट्रंप ने ईरान पर जताया शक
ब्रिटेन में सामने आए एक अलग संदिग्ध सुरक्षा खतरे को लेकर ट्रंप प्रशासन ज्यादा भरोसे के साथ ईरान की संभावित भूमिका की बात करता नजर आया. ट्रंप ने पुष्टि की कि एक खतरे की वजह से अमेरिकी बमवर्षक विमानों को दूसरी जगह भेजा गया था. जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई खास खतरा सामने आया था, तो ट्रंप ने कहा,' हां, मुझे लगता है कि हम यह कह सकते हैं. वे विमान बिना किसी वजह के वहां से नहीं गए थे.' उन्होंने कहा,' कुछ धमकियां मिली थीं और दुश्मन को मौका देने के बजाय हम उसे पकड़ेंगे और हराएंगे, लेकिन विमानों को वहीं क्यों छोड़ें? इसलिए हमने उन्हें थोड़ा इधर-उधर किया.'
US को पता है कि धमकी के पीछे कौन था: ट्रंप
बाद में ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ब्रिटेन में लड़ाकू ड्रोन लेकर आया था और क्या इसी वजह से विमानों को हटाने का फैसला लिया गया. इस पर उन्होंने कहा,' मैं आपको यह नहीं बता सकता, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया है तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.' ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को पता है कि धमकी के पीछे कौन लोग थे. उन्होंने कहा,' हमें धमकी मिली थी. अगर हमें धमकी दी जा रही है, तो हम अपने विमानों को दूसरी जगह ले जा सकते हैं और इससे खतरा कुछ कम हो जाता है. हमें यह भी पता है कि धमकी देने वाले लोग कौन हैं और अब वे बड़ी मुश्किल में हैं.' जब उनसे पूछा गया कि क्या उन लोगों का संबंध ईरान से है, तो ट्रंप ने कहा,' उनका संबंध ईरान से होगा.' (इनपुट-IANS)