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नुकसान हो तो हो: ईरान से टक्कर, चुनाव का रिस्क! ट्रंप बोले- 'सियासी कीमत चुकाएंगे, लेकिन परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे'

ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी हमले किए जा सकते हैं. हालांकि ये बयान देते समय ट्रंप ने बड़ी बेबाकी से ये कबूल किया है कि भले ही इस फैसले की कीमत अगले चुनावों में उन्हें और उनकी पार्टी को चुकानी पड़े, लेकिन वो ईरान को रोकने से पीछे नहीं हटेंगे.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 23, 2026, 01:11 PM IST | Updated: Oct 23, 2026, 01:50 PM IST
Image Credit: डोनाल्ड ट्रंप (रॉयटर्स(
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क्या मिडिल ईस्ट में शांति की सारी कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं. ईरान और अमेरिका के बीच की चुप्पी क्या किसी बड़ी अनहोनी की आहट का संकेत दे रही है. ये सवाल इसलिए क्योंकि जुलाई के बाद ये पहला बड़ा मौका और मजबूरी है, जिसने ट्रंप के हाथ बांध लिए हैं. दरअसल मध्यावधि चुनावों में वोटिंग से पहले अमेरिकी ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ आगे भी सैन्य कार्रवाई संभव है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस युद्ध की कीमत आगामी कांग्रेस चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को राजनीतिक नुकसान के रूप में चुकानी पड़ सकती है. 

28 फरवरी को तेहरान समेत कई शहरों में हुई अमेरिका-इजरायल की स्ट्राइक के बाद जुलाई के महीने में ईरान और अमेरिका दोनों को सीजफायर की बहुत ज्यादा जरूरत थी. ईरान को अपने तत्कालीन सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई देकर सुपुर्द-ए-खाक करना था, वहीं दूसरी ओर अमेरिका को अपनी आजादी की 250वीं सालगिरह सुकून से मनानी थी. ऐसे में दोनों चीजों को ध्यान में रखते हुए एक समझौता हुआ जो बीच-बीच में टूटता रहा. 

 'जो भी होगा देखा जाएगा'

दरअसल ट्रंप से जब पत्रकारों ने ये पूछा कि क्या ईरान के साथ हुए सैन्य संघर्ष का उनके चुनावी अभियान पर असर पड़ा है, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर अमेरिका की जनता की राय बंटी हुई है. युद्ध का असर आने वाले कांग्रेस चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को राजनीतिक रूप से झेलना पड़ सकता है, लेक‍िन हमें ईरान को हर हाल में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी था. दूसरा कोई चारा नहीं था, अब जो भी होगा देखा जाएगा.'

कीमत चुकानी पड़ सकती है: ट्रंप

ट्रंप ने वाशिंगटन से रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा, 'एक तरह से लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि मैं वही कर रहा हूं जो पहले के राष्ट्रपतियों को बहुत पहले कर देना चाहिए था. दूसरी तरफ, कुछ लोग शायद इसे पसंद न करें. अमेरिकी लोगों की सुरक्षा से जुड़े इस मिशनके लिए एक राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है और मुझे ये बात तभी समझ में आ गई थी जब मैंने ईरान को रोकने का फैसला लिया था. उस समय मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि हम किसी भी सूरत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे.'

हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह किसी नए सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं, संभावित टारगेट कौन हो सकते हैं या ऐसा कदम कब उठाया जा सकता है.

'वेट एंड वॉच'

ट्रंप ने ईरान पर हमले के फैसले को जस्टिफाई करते हुए कहा, 'युद्ध में हमने ईरान को काफी बड़ा नुकसान पहुंचाया है और हो सकता है कि हम आगे भी कुछ और करें.' उनका यह बयान आगे किसी कार्रवाई की संभावना का संकेत था, लेकिन इसे किसी नए अभियान की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता. ट्रंप ने ईरान को हुए नुकसान का जिक्र तो किया, लेकिन इसके साथ कोई सैन्य ब्रीफिंग या आधिकारिक आंकड़े पेश नहीं किए.

पोलिंग पर्सेंट से तय होगी जीत-हार?

ट्रंप का कहना था कि भले ही कुछ लोग इस अभियान का विरोध करते हों, लेकिन बड़ी संख्या में लोग इसका समर्थन भी कर रहे हैं. बहुत से लोग, बहुत से देशभक्त इसे सही मानते हैं. यह काम पहले के राष्ट्रपतियों को काफी पहले कर देना चाहिए था.'

इसी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके समर्थक मतदान के लिए कितनी संख्या में बाहर निकलते हैं.

इस बीच, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने चेतावनी दी कि दुनिया में चल रहे सैन्य संघर्षों का असर अब उन देशों से कहीं आगे तक पहुंचकर सप्लाई चेन बाधित करने के साथ महंगाई को बढ़ा रहा है.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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